17 अगस्त 2001 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 17 अगस्त 2001, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 17 अगस्त 2001 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (15:50 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (10:25 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 10:46 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:58
रात 05:51 तक
तिथि
त्रयोदशी, 15:50 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 10:25 तक
पुष्य
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अगस्त 2001 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:51 – 07:29सामान्य
लाभ07:29 – 09:08शुभ
अमृत09:08 – 10:46शुभ
काल10:46 – 12:25टालें
शुभ12:25 – 14:03शुभ
रोग14:03 – 15:41टालें
उद्वेग15:41 – 17:20टालें
चर17:20 – 18:58सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:58 – 20:20टालें
काल20:20 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:03शुभ
उद्वेग23:03 – 00:25टालें
शुभ00:25 – 01:46शुभ
अमृत01:46 – 03:08शुभ
चर03:08 – 04:30सामान्य
रोग04:30 – 05:51टालें

17 अगस्त 2001 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 15:50 तक
कृष्ण चतुर्दशी 12:15, 18 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 07:44, 18 अग॰ तक
योग
सिद्धि 09:41 तक
व्यतीपातअशुभ 05:44, 18 अग॰ तक
वरीयान 01:31, 19 अग॰ तक
करण
वणिज 15:50 तक
विष्टि (भद्रा) 02:05, 18 अग॰ तक
शकुनि 12:15, 18 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
03:26
चंद्रास्त
17:45
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
10:46 – 12:25
यमगंड
15:41 – 17:20
गुलिक काल
07:29 – 09:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5106:56दिन
बुध06:5608:02दिन
चंद्र08:0209:08दिन
शनि09:0810:13दिन
गुरु10:1311:19दिन
मंगल11:1912:25दिन
सूर्य12:2513:30दिन
शुक्र13:3014:36दिन
बुध14:3615:41दिन
चंद्र15:4116:47दिन
शनि16:4717:53दिन
गुरु17:5318:58दिन
मंगल18:5819:53रात
सूर्य19:5320:47रात
शुक्र20:4721:42रात
बुध21:4222:36रात
चंद्र22:3623:30रात
शनि23:3000:25रात
गुरु00:2501:19रात
मंगल01:1902:14रात
सूर्य02:1403:08रात
शुक्र03:0804:03रात
बुध04:0304:57रात
चंद्र04:5705:51रात

अयनांश 23.8798° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।