21 जनवरी 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 21 जनवरी 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 21 जनवरी 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (10:18 तक), नक्षत्र रेवती (08:08 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 08:33 से 09:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 17:51
रात 07:13 तक
तिथि
सप्तमी, 10:18 तक
अष्टमी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 जनवरी 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:13 – 08:33शुभ
काल08:33 – 09:53टालें
शुभ09:53 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:32टालें
उद्वेग12:32 – 13:52टालें
चर13:52 – 15:11सामान्य
लाभ15:11 – 16:31शुभ
अमृत16:31 – 17:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:51 – 19:31सामान्य
रोग19:31 – 21:11टालें
काल21:11 – 22:52टालें
लाभ22:52 – 00:32शुभ
उद्वेग00:32 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:53शुभ
अमृत03:53 – 05:33शुभ
चर05:33 – 07:13सामान्य

21 जनवरी 2002 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 10:18 तक
शुक्ल अष्टमी 12:06, 22 जन॰ तक
नक्षत्र
रेवती 08:08 तक
अश्विनी 10:27, 22 जन॰ तक
योग
सिद्ध 13:39 तक
साध्य 13:51, 22 जन॰ तक
करण
वणिज 10:18 तक
विष्टि (भद्रा) 23:16 तक
बव 12:06, 22 जन॰ तक
चंद्र राशि
मीन 08:08 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
11:49
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:26 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:11 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
08:33 – 09:53
यमगंड
11:12 – 12:32
गुलिक काल
13:52 – 15:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1308:07दिन
शनि08:0709:00दिन
गुरु09:0009:53दिन
मंगल09:5310:46दिन
सूर्य10:4611:39दिन
शुक्र11:3912:32दिन
बुध12:3213:25दिन
चंद्र13:2514:18दिन
शनि14:1815:11दिन
गुरु15:1116:04दिन
मंगल16:0416:57दिन
सूर्य16:5717:51दिन
शुक्र17:5118:57रात
बुध18:5720:04रात
चंद्र20:0421:11रात
शनि21:1122:18रात
गुरु22:1823:25रात
मंगल23:2500:32रात
सूर्य00:3201:39रात
शुक्र01:3902:46रात
बुध02:4603:53रात
चंद्र03:5304:59रात
शनि04:5906:06रात
गुरु06:0607:13रात

अयनांश 23.8858° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।