30 जनवरी 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 30 जनवरी 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 30 जनवरी 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (21:27 तक), नक्षत्र मघा (01:39, 31 जन॰ तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 07:10 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 12:34 से 13:55 तक है।

दिन और रात
दिन 07:10 – 17:58
रात 07:10 तक
तिथि
द्वितीया, 21:27 तक
तृतीया
नक्षत्र
मघा, 01:39 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:10 – 08:31शुभ
अमृत08:31 – 09:52शुभ
काल09:52 – 11:13टालें
शुभ11:13 – 12:34शुभ
रोग12:34 – 13:55टालें
उद्वेग13:55 – 15:16टालें
चर15:16 – 16:37सामान्य
लाभ16:37 – 17:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:58 – 19:37टालें
शुभ19:37 – 21:16शुभ
अमृत21:16 – 22:55शुभ
चर22:55 – 00:34सामान्य
रोग00:34 – 02:13टालें
काल02:13 – 03:52टालें
लाभ03:52 – 05:31शुभ
उद्वेग05:31 – 07:10टालें

30 जनवरी 2002 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 21:27 तक
कृष्ण तृतीया 18:00, 31 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 01:39, 31 जन॰ तक
योग
सौभाग्य 15:23 तक
शोभन 11:18, 31 जन॰ तक
करण
तैतिल 11:13 तक
गर 21:27 तक
वणिज 07:43, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:10
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
19:39
चंद्रास्त
08:22
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:24 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:56 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:34 – 13:55
यमगंड
08:31 – 09:52
गुलिक काल
11:13 – 12:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:1008:04दिन
चंद्र08:0408:58दिन
शनि08:5809:52दिन
गुरु09:5210:46दिन
मंगल10:4611:40दिन
सूर्य11:4012:34दिन
शुक्र12:3413:28दिन
बुध13:2814:22दिन
चंद्र14:2215:16दिन
शनि15:1616:10दिन
गुरु16:1017:04दिन
मंगल17:0417:58दिन
सूर्य17:5819:04रात
शुक्र19:0420:10रात
बुध20:1021:16रात
चंद्र21:1622:22रात
शनि22:2223:28रात
गुरु23:2800:34रात
मंगल00:3401:40रात
सूर्य01:4002:46रात
शुक्र02:4603:52रात
बुध03:5204:58रात
चंद्र04:5806:04रात
शनि06:0407:10रात

अयनांश 23.8861° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।