3 मई 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 3 मई 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 मई 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (00:01, 4 मई तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (17:42 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 10:38 से 12:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 18:57
रात 05:38 तक
तिथि
सप्तमी, 00:01 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 17:42 तक
श्रवण
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 मई 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:39 – 07:18सामान्य
लाभ07:18 – 08:58शुभ
अमृत08:58 – 10:38शुभ
काल10:38 – 12:18टालें
शुभ12:18 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:37टालें
उद्वेग15:37 – 17:17टालें
चर17:17 – 18:57सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:57 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:37टालें
लाभ21:37 – 22:57शुभ
उद्वेग22:57 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:37शुभ
अमृत01:37 – 02:58शुभ
चर02:58 – 04:18सामान्य
रोग04:18 – 05:38टालें

3 मई 2002 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 00:01, 4 मई तक
कृष्ण अष्टमी 01:39, 5 मई तक
नक्षत्र
श्रवण 19:47, 4 मई तक
योग
साध्य 07:35 तक
शुभ 07:32, 4 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:25 तक
बव 00:01, 4 मई तक
बालव 12:45, 4 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
00:26
चंद्रास्त
10:55
दिनमान
13h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:13 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
10:38 – 12:18
यमगंड
15:37 – 17:17
गुलिक काल
07:18 – 08:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3906:45दिन
बुध06:4507:52दिन
चंद्र07:5208:58दिन
शनि08:5810:05दिन
गुरु10:0511:11दिन
मंगल11:1112:18दिन
सूर्य12:1813:24दिन
शुक्र13:2414:31दिन
बुध14:3115:37दिन
चंद्र15:3716:44दिन
शनि16:4417:50दिन
गुरु17:5018:57दिन
मंगल18:5719:50रात
सूर्य19:5020:44रात
शुक्र20:4421:37रात
बुध21:3722:30रात
चंद्र22:3023:24रात
शनि23:2400:17रात
गुरु00:1701:11रात
मंगल01:1102:04रात
सूर्य02:0402:58रात
शुक्र02:5803:51रात
बुध03:5104:44रात
चंद्र04:4405:38रात

अयनांश 23.8897° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।