30 मई 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 30 मई 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 मई 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (12:55 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (02:25, 31 मई तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 14:02 से 15:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:13
रात 05:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:55 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 02:25 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मई 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:24 – 07:07शुभ
रोग07:07 – 08:51टालें
उद्वेग08:51 – 10:35टालें
चर10:35 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 14:02शुभ
अमृत14:02 – 15:45शुभ
काल15:45 – 17:29टालें
शुभ17:29 – 19:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:13 – 20:29शुभ
चर20:29 – 21:45सामान्य
रोग21:45 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:18टालें
लाभ00:18 – 01:34शुभ
उद्वेग01:34 – 02:51टालें
शुभ02:51 – 04:07शुभ
अमृत04:07 – 05:23शुभ

30 मई 2002 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 12:55 तक
कृष्ण पंचमी 13:30, 31 मई तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 02:25, 31 मई तक
श्रवण 04:01, 1 जून तक
योग
शुक्ल 16:59 तक
ब्रह्म 16:32, 31 मई तक
करण
बालव 12:55 तक
कौलव 01:07, 31 मई तक
तैतिल 13:30, 31 मई तक
चंद्र राशि
धनु 07:39 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
23:04
चंद्रास्त
08:41
दिनमान
13h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
14:02 – 15:45
यमगंड
05:24 – 07:07
गुलिक काल
08:51 – 10:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2406:33दिन
मंगल06:3307:42दिन
सूर्य07:4208:51दिन
शुक्र08:5110:00दिन
बुध10:0011:09दिन
चंद्र11:0912:18दिन
शनि12:1813:27दिन
गुरु13:2714:36दिन
मंगल14:3615:45दिन
सूर्य15:4516:55दिन
शुक्र16:5518:04दिन
बुध18:0419:13दिन
चंद्र19:1320:04रात
शनि20:0420:54रात
गुरु20:5421:45रात
मंगल21:4522:36रात
सूर्य22:3623:27रात
शुक्र23:2700:18रात
बुध00:1801:09रात
चंद्र01:0902:00रात
शनि02:0002:51रात
गुरु02:5103:42रात
मंगल03:4204:33रात
सूर्य04:3305:23रात

अयनांश 23.8907° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।