3 जुलाई 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 3 जुलाई 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 जुलाई 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (11:59 तक), नक्षत्र रेवती (01:31, 4 जुल॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 12:25 से 14:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 19:22
रात 05:27 तक
तिथि
अष्टमी, 11:59 तक
नवमी
नक्षत्र
रेवती, 01:31 तक
अश्विनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जुलाई 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:27 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:40टालें
शुभ10:40 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 14:09टालें
उद्वेग14:09 – 15:54टालें
चर15:54 – 17:38सामान्य
लाभ17:38 – 19:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:22 – 20:38टालें
शुभ20:38 – 21:54शुभ
अमृत21:54 – 23:09शुभ
चर23:09 – 00:25सामान्य
रोग00:25 – 01:41टालें
काल01:41 – 02:56टालें
लाभ02:56 – 04:12शुभ
उद्वेग04:12 – 05:27टालें

3 जुलाई 2002 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 11:59 तक
कृष्ण नवमी 14:11, 4 जुल॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:31, 4 जुल॰ तक
अश्विनी 04:08, 5 जुल॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 05:34, 4 जुल॰ तक
करण
कौलव 11:59 तक
तैतिल 01:07, 4 जुल॰ तक
गर 14:11, 4 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मीन 01:31, 4 जुल॰ तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
00:28
चंद्रास्त
12:53
दिनमान
13h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:53 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:25 – 14:09
यमगंड
07:11 – 08:56
गुलिक काल
10:40 – 12:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2706:37दिन
चंद्र06:3707:46दिन
शनि07:4608:56दिन
गुरु08:5610:05दिन
मंगल10:0511:15दिन
सूर्य11:1512:25दिन
शुक्र12:2513:34दिन
बुध13:3414:44दिन
चंद्र14:4415:54दिन
शनि15:5417:03दिन
गुरु17:0318:13दिन
मंगल18:1319:22दिन
सूर्य19:2220:13रात
शुक्र20:1321:03रात
बुध21:0321:54रात
चंद्र21:5422:44रात
शनि22:4423:35रात
गुरु23:3500:25रात
मंगल00:2501:15रात
सूर्य01:1502:06रात
शुक्र02:0602:56रात
बुध02:5603:47रात
चंद्र03:4704:37रात
शनि04:3705:27रात

अयनांश 23.8920° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।