23 जुलाई 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 23 जुलाई 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 23 जुलाई 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (14:27 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:33 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है। राहुकाल 15:52 से 17:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 19:17
रात 05:37 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:27 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:33 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जुलाई 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:37 – 07:19टालें
उद्वेग07:19 – 09:02टालें
चर09:02 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:27शुभ
अमृत12:27 – 14:10शुभ
काल14:10 – 15:52टालें
शुभ15:52 – 17:35शुभ
रोग17:35 – 19:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:17 – 20:35टालें
लाभ20:35 – 21:52शुभ
उद्वेग21:52 – 23:10टालें
शुभ23:10 – 00:27शुभ
अमृत00:27 – 01:45शुभ
चर01:45 – 03:02सामान्य
रोग03:02 – 04:20टालें
काल04:20 – 05:37टालें

23 जुलाई 2002 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 14:27 तक
पूर्णिमा 14:36, 24 जुल॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 19:28, 24 जुल॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 12:53 तक
विष्कंभअशुभ 11:59, 24 जुल॰ तक
करण
वणिज 14:27 तक
विष्टि (भद्रा) 02:29, 24 जुल॰ तक
बव 14:36, 24 जुल॰ तक
चंद्र राशि
धनु 00:44, 24 जुल॰ तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
19:17
चंद्रोदय
18:46
चंद्रास्त
04:16
दिनमान
13h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
15:52 – 17:35
यमगंड
09:02 – 10:44
गुलिक काल
12:27 – 14:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3706:45दिन
सूर्य06:4507:54दिन
शुक्र07:5409:02दिन
बुध09:0210:10दिन
चंद्र10:1011:19दिन
शनि11:1912:27दिन
गुरु12:2713:35दिन
मंगल13:3514:44दिन
सूर्य14:4415:52दिन
शुक्र15:5217:00दिन
बुध17:0018:09दिन
चंद्र18:0919:17दिन
शनि19:1720:09रात
गुरु20:0921:01रात
मंगल21:0121:52रात
सूर्य21:5222:44रात
शुक्र22:4423:36रात
बुध23:3600:27रात
चंद्र00:2701:19रात
शनि01:1902:11रात
गुरु02:1103:02रात
मंगल03:0203:54रात
सूर्य03:5404:46रात
शुक्र04:4605:37रात

अयनांश 23.8928° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।