25 जुलाई 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 25 जुलाई 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 जुलाई 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (15:12 तक), नक्षत्र श्रवण (20:50 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 19:16
रात 05:38 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:12 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 20:50 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जुलाई 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:38 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 09:02टालें
उद्वेग09:02 – 10:45टालें
चर10:45 – 12:27सामान्य
लाभ12:27 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:34टालें
शुभ17:34 – 19:16शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:16 – 20:34शुभ
चर20:34 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:27टालें
लाभ00:27 – 01:45शुभ
उद्वेग01:45 – 03:03टालें
शुभ03:03 – 04:21शुभ
अमृत04:21 – 05:38शुभ

25 जुलाई 2002 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 15:12 तक
कृष्ण द्वितीया 16:16, 26 जुल॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 20:50 तक
धनिष्ठा 22:39, 26 जुल॰ तक
योग
प्रीति 11:26 तक
आयुष्मान 11:15, 26 जुल॰ तक
करण
कौलव 15:12 तक
तैतिल 03:41, 26 जुल॰ तक
गर 16:16, 26 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
20:18
चंद्रास्त
06:12
दिनमान
13h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:52
यमगंड
05:38 – 07:20
गुलिक काल
09:02 – 10:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:3806:46दिन
मंगल06:4607:54दिन
सूर्य07:5409:02दिन
शुक्र09:0210:11दिन
बुध10:1111:19दिन
चंद्र11:1912:27दिन
शनि12:2713:35दिन
गुरु13:3514:43दिन
मंगल14:4315:52दिन
सूर्य15:5217:00दिन
शुक्र17:0018:08दिन
बुध18:0819:16दिन
चंद्र19:1620:08रात
शनि20:0821:00रात
गुरु21:0021:52रात
मंगल21:5222:44रात
सूर्य22:4423:35रात
शुक्र23:3500:27रात
बुध00:2701:19रात
चंद्र01:1902:11रात
शनि02:1103:03रात
गुरु03:0303:55रात
मंगल03:5504:47रात
सूर्य04:4705:38रात

अयनांश 23.8928° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।