5 अगस्त 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 5 अगस्त 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 अगस्त 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (07:30 तक), नक्षत्र मृगशिरा (18:32 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:44 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 07:25 से 09:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:44 – 19:09
रात 05:45 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 18:32 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अगस्त 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:44 – 07:25शुभ
काल07:25 – 09:05टालें
शुभ09:05 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:26टालें
उद्वेग12:26 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:48सामान्य
लाभ15:48 – 17:28शुभ
अमृत17:28 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:09 – 20:28सामान्य
रोग20:28 – 21:48टालें
काल21:48 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:27शुभ
उद्वेग00:27 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:25शुभ
चर04:25 – 05:45सामान्य

5 अगस्त 2002 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 07:30 तक
कृष्ण द्वादशी 06:51, 6 अग॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 18:14, 6 अग॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 14:30 तक
हर्षण 12:46, 6 अग॰ तक
करण
बालव 07:30 तक
कौलव 19:16 तक
तैतिल 06:51, 6 अग॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 06:23 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:44
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
01:56
चंद्रास्त
16:20
दिनमान
13h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
07:25 – 09:05
यमगंड
10:46 – 12:26
गुलिक काल
14:07 – 15:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4406:51दिन
शनि06:5107:58दिन
गुरु07:5809:05दिन
मंगल09:0510:12दिन
सूर्य10:1211:19दिन
शुक्र11:1912:26दिन
बुध12:2613:34दिन
चंद्र13:3414:41दिन
शनि14:4115:48दिन
गुरु15:4816:55दिन
मंगल16:5518:02दिन
सूर्य18:0219:09दिन
शुक्र19:0920:02रात
बुध20:0220:55रात
चंद्र20:5521:48रात
शनि21:4822:41रात
गुरु22:4123:34रात
मंगल23:3400:27रात
सूर्य00:2701:20रात
शुक्र01:2002:13रात
बुध02:1303:06रात
चंद्र03:0603:59रात
शनि03:5904:52रात
गुरु04:5205:45रात

अयनांश 23.8933° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।