4 अक्टूबर 2002 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2002, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (00:23, 5 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मघा (08:07 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 18:04 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 18:04
रात 06:16 तक
तिथि
त्रयोदशी, 00:23 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 05:27 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:15 – 07:44सामान्य
लाभ07:44 – 09:12शुभ
अमृत09:12 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:09टालें
शुभ12:09 – 13:38शुभ
रोग13:38 – 15:06टालें
उद्वेग15:06 – 16:35टालें
चर16:35 – 18:04सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:04 – 19:35टालें
काल19:35 – 21:07टालें
लाभ21:07 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:10टालें
शुभ00:10 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 03:13शुभ
चर03:13 – 04:44सामान्य
रोग04:44 – 06:16टालें

4 अक्टूबर 2002 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 00:23, 5 अक्टू॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 20:40, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 08:07 तक
पूर्वा फाल्गुनी 05:27, 5 अक्टू॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 02:27, 6 अक्टू॰ तक
योग
शुभ 17:57 तक
शुक्ल 13:49, 5 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:07 तक
वणिज 00:23, 5 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 10:34, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
18:04
चंद्रोदय
03:32
चंद्रास्त
16:58
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:33

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:09
यमगंड
15:06 – 16:35
गुलिक काल
07:44 – 09:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1507:14दिन
बुध07:1408:13दिन
चंद्र08:1309:12दिन
शनि09:1210:11दिन
गुरु10:1111:10दिन
मंगल11:1012:09दिन
सूर्य12:0913:08दिन
शुक्र13:0814:07दिन
बुध14:0715:06दिन
चंद्र15:0616:05दिन
शनि16:0517:05दिन
गुरु17:0518:04दिन
मंगल18:0419:05रात
सूर्य19:0520:06रात
शुक्र20:0621:07रात
बुध21:0722:08रात
चंद्र22:0823:09रात
शनि23:0900:10रात
गुरु00:1001:11रात
मंगल01:1102:12रात
सूर्य02:1203:13रात
शुक्र03:1304:14रात
बुध04:1405:15रात
चंद्र05:1506:16रात

अयनांश 23.8955° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।