1 मार्च 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 1 मार्च 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 मार्च 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (07:07, 2 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (08:51 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 09:40 से 11:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 18:20
रात 06:45 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
धनिष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:46 – 08:13टालें
शुभ08:13 – 09:40शुभ
रोग09:40 – 11:07टालें
उद्वेग11:07 – 12:33टालें
चर12:33 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:27शुभ
अमृत15:27 – 16:53शुभ
काल16:53 – 18:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:20 – 19:53शुभ
उद्वेग19:53 – 21:26टालें
शुभ21:26 – 23:00शुभ
अमृत23:00 – 00:33शुभ
चर00:33 – 02:06सामान्य
रोग02:06 – 03:39टालें
काल03:39 – 05:12टालें
लाभ05:12 – 06:45शुभ

1 मार्च 2003 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 07:07, 2 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 08:51 तक
धनिष्ठा 10:00, 2 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 15:25 तक
शिव 14:48, 2 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 18:48 तक
शकुनि 07:07, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
मकर 21:22 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
05:54
चंद्रास्त
16:43
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:10 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
09:40 – 11:07
यमगंड
14:00 – 15:27
गुलिक काल
06:46 – 08:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4607:44दिन
गुरु07:4408:42दिन
मंगल08:4209:40दिन
सूर्य09:4010:38दिन
शुक्र10:3811:36दिन
बुध11:3612:33दिन
चंद्र12:3313:31दिन
शनि13:3114:29दिन
गुरु14:2915:27दिन
मंगल15:2716:25दिन
सूर्य16:2517:22दिन
शुक्र17:2218:20दिन
बुध18:2019:22रात
चंद्र19:2220:24रात
शनि20:2421:26रात
गुरु21:2622:29रात
मंगल22:2923:31रात
सूर्य23:3100:33रात
शुक्र00:3301:35रात
बुध01:3502:37रात
चंद्र02:3703:39रात
शनि03:3904:41रात
गुरु04:4105:43रात
मंगल05:4306:45रात

अयनांश 23.9012° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।