1 मई 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 1 मई 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 मई 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (17:44 तक), नक्षत्र अश्विनी (10:39 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:41 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 13:57 से 15:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:41 – 18:56
रात 05:40 तक
तिथि
अमावस्या, 17:44 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 10:39 तक
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मई 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:41 – 07:20शुभ
रोग07:20 – 08:59टालें
उद्वेग08:59 – 10:39टालें
चर10:39 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:37शुभ
काल15:37 – 17:16टालें
शुभ17:16 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:56 – 20:16शुभ
चर20:16 – 21:37सामान्य
रोग21:37 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:18टालें
लाभ00:18 – 01:38शुभ
उद्वेग01:38 – 02:59टालें
शुभ02:59 – 04:19शुभ
अमृत04:19 – 05:40शुभ

1 मई 2003 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 17:44 तक
शुक्ल प्रतिपदा 20:21, 2 मई तक
नक्षत्र
भरणी 13:47, 2 मई तक
योग
आयुष्मान 05:42, 2 मई तक
करण
नाग 17:44 तक
किंस्तुघ्न 07:03, 2 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:41
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
05:36
चंद्रास्त
18:52
दिनमान
13h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:14 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
13:57 – 15:37
यमगंड
05:41 – 07:20
गुलिक काल
08:59 – 10:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4106:47दिन
मंगल06:4707:53दिन
सूर्य07:5308:59दिन
शुक्र08:5910:06दिन
बुध10:0611:12दिन
चंद्र11:1212:18दिन
शनि12:1813:24दिन
गुरु13:2414:31दिन
मंगल14:3115:37दिन
सूर्य15:3716:43दिन
शुक्र16:4317:49दिन
बुध17:4918:56दिन
चंद्र18:5619:49रात
शनि19:4920:43रात
गुरु20:4321:37रात
मंगल21:3722:30रात
सूर्य22:3023:24रात
शुक्र23:2400:18रात
बुध00:1801:11रात
चंद्र01:1102:05रात
शनि02:0502:59रात
गुरु02:5903:52रात
मंगल03:5204:46रात
सूर्य04:4605:40रात

अयनांश 23.9035° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।