23 जून 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 23 जून 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 23 जून 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (11:13 तक), नक्षत्र रेवती (20:22 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:24 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 07:08 से 08:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:24 – 19:22
रात 05:24 तक
तिथि
नवमी, 11:13 तक
दशमी
नक्षत्र
रेवती, 20:22 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 जून 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:24 – 07:08शुभ
काल07:08 – 08:53टालें
शुभ08:53 – 10:38शुभ
रोग10:38 – 12:23टालें
उद्वेग12:23 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:37शुभ
अमृत17:37 – 19:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:22 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:08टालें
लाभ23:08 – 00:23शुभ
उद्वेग00:23 – 01:38टालें
शुभ01:38 – 02:53शुभ
अमृत02:53 – 04:09शुभ
चर04:09 – 05:24सामान्य

23 जून 2003 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 11:13 तक
कृष्ण दशमी 13:41, 24 जून तक
नक्षत्र
रेवती 20:22 तक
अश्विनी 23:28, 24 जून तक
योग
शोभन 18:11 तक
अतिगंडअशुभ 19:14, 24 जून तक
करण
गर 11:13 तक
वणिज 00:25, 24 जून तक
विष्टि (भद्रा) 13:41, 24 जून तक
चंद्र राशि
मीन 20:22 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:24
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
01:13
चंद्रास्त
13:48
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
07:08 – 08:53
यमगंड
10:38 – 12:23
गुलिक काल
14:07 – 15:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2406:34दिन
शनि06:3407:43दिन
गुरु07:4308:53दिन
मंगल08:5310:03दिन
सूर्य10:0311:13दिन
शुक्र11:1312:23दिन
बुध12:2313:33दिन
चंद्र13:3314:42दिन
शनि14:4215:52दिन
गुरु15:5217:02दिन
मंगल17:0218:12दिन
सूर्य18:1219:22दिन
शुक्र19:2220:12रात
बुध20:1221:02रात
चंद्र21:0221:52रात
शनि21:5222:42रात
गुरु22:4223:33रात
मंगल23:3300:23रात
सूर्य00:2301:13रात
शुक्र01:1302:03रात
बुध02:0302:53रात
चंद्र02:5303:44रात
शनि03:4404:34रात
गुरु04:3405:24रात

अयनांश 23.9056° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।