30 जून 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 30 जून 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 30 जून 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (01:00, 1 जुल॰ तक), नक्षत्र आर्द्रा (12:14 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 07:10 से 08:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:22
रात 05:26 तक
तिथि
प्रतिपदा, 01:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आर्द्रा, 12:14 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जून 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:26 – 07:10शुभ
काल07:10 – 08:55टालें
शुभ08:55 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:24टालें
उद्वेग12:24 – 14:09टालें
चर14:09 – 15:53सामान्य
लाभ15:53 – 17:38शुभ
अमृत17:38 – 19:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:22 – 20:38सामान्य
रोग20:38 – 21:53टालें
काल21:53 – 23:09टालें
लाभ23:09 – 00:24शुभ
उद्वेग00:24 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 02:55शुभ
अमृत02:55 – 04:11शुभ
चर04:11 – 05:26सामान्य

30 जून 2003 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 01:00, 1 जुल॰ तक
शुक्ल द्वितीया 01:22, 2 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 13:31, 1 जुल॰ तक
योग
ध्रुव 22:32 तक
व्याघातअशुभ 21:54, 1 जुल॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 12:38 तक
बव 01:00, 1 जुल॰ तक
बालव 13:15, 1 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
05:34
चंद्रास्त
20:10
दिनमान
13h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
07:10 – 08:55
यमगंड
10:40 – 12:24
गुलिक काल
14:09 – 15:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2606:36दिन
शनि06:3607:45दिन
गुरु07:4508:55दिन
मंगल08:5510:05दिन
सूर्य10:0511:14दिन
शुक्र11:1412:24दिन
बुध12:2413:34दिन
चंद्र13:3414:44दिन
शनि14:4415:53दिन
गुरु15:5317:03दिन
मंगल17:0318:13दिन
सूर्य18:1319:22दिन
शुक्र19:2220:13रात
बुध20:1321:03रात
चंद्र21:0321:53रात
शनि21:5322:44रात
गुरु22:4423:34रात
मंगल23:3400:24रात
सूर्य00:2401:15रात
शुक्र01:1502:05रात
बुध02:0502:55रात
चंद्र02:5503:46रात
शनि03:4604:36रात
गुरु04:3605:26रात

अयनांश 23.9058° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।