1 जुलाई 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 1 जुलाई 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 1 जुलाई 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (01:22, 2 जुल॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (13:31 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 15:53 से 17:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:23
रात 05:27 तक
तिथि
द्वितीया, 01:22 तक
तृतीया
नक्षत्र
पुनर्वसु, 13:31 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जुलाई 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:26 – 07:11टालें
उद्वेग07:11 – 08:55टालें
चर08:55 – 10:40सामान्य
लाभ10:40 – 12:24शुभ
अमृत12:24 – 14:09शुभ
काल14:09 – 15:53टालें
शुभ15:53 – 17:38शुभ
रोग17:38 – 19:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:23 – 20:38टालें
लाभ20:38 – 21:54शुभ
उद्वेग21:54 – 23:09टालें
शुभ23:09 – 00:25शुभ
अमृत00:25 – 01:40शुभ
चर01:40 – 02:56सामान्य
रोग02:56 – 04:11टालें
काल04:11 – 05:27टालें

1 जुलाई 2003 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 01:22, 2 जुल॰ तक
शुक्ल तृतीया 01:17, 3 जुल॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 14:21, 2 जुल॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 21:54 तक
हर्षण 20:54, 2 जुल॰ तक
करण
बालव 13:15 तक
कौलव 01:22, 2 जुल॰ तक
तैतिल 13:23, 2 जुल॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 07:15 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
06:31
चंद्रास्त
20:58
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
15:53 – 17:38
यमगंड
08:55 – 10:40
गुलिक काल
12:24 – 14:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2606:36दिन
सूर्य06:3607:46दिन
शुक्र07:4608:55दिन
बुध08:5510:05दिन
चंद्र10:0511:15दिन
शनि11:1512:24दिन
गुरु12:2413:34दिन
मंगल13:3414:44दिन
सूर्य14:4415:53दिन
शुक्र15:5317:03दिन
बुध17:0318:13दिन
चंद्र18:1319:23दिन
शनि19:2320:13रात
गुरु20:1321:03रात
मंगल21:0321:54रात
सूर्य21:5422:44रात
शुक्र22:4423:34रात
बुध23:3400:25रात
चंद्र00:2501:15रात
शनि01:1502:05रात
गुरु02:0502:56रात
मंगल02:5603:46रात
सूर्य03:4604:36रात
शुक्र04:3605:27रात

अयनांश 23.9059° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।