4 जुलाई 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 जुलाई 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 जुलाई 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (23:52 तक), नक्षत्र मघा (14:44 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 10:41 से 12:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 19:22
रात 05:28 तक
तिथि
पंचमी, 23:52 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मघा, 14:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जुलाई 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:27 – 07:12सामान्य
लाभ07:12 – 08:56शुभ
अमृत08:56 – 10:41शुभ
काल10:41 – 12:25टालें
शुभ12:25 – 14:09शुभ
रोग14:09 – 15:54टालें
उद्वेग15:54 – 17:38टालें
चर17:38 – 19:22सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:22 – 20:38टालें
काल20:38 – 21:54टालें
लाभ21:54 – 23:09शुभ
उद्वेग23:09 – 00:25टालें
शुभ00:25 – 01:41शुभ
अमृत01:41 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:12सामान्य
रोग04:12 – 05:28टालें

4 जुलाई 2003 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 23:52 तक
शुक्ल षष्ठी 22:35, 5 जुल॰ तक
नक्षत्र
मघा 14:44 तक
पूर्वा फाल्गुनी 14:20, 5 जुल॰ तक
योग
सिद्धि 17:53 तक
व्यतीपातअशुभ 15:55, 5 जुल॰ तक
करण
बव 12:22 तक
बालव 23:52 तक
कौलव 11:16, 5 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
09:34
चंद्रास्त
22:58
दिनमान
13h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
10:41 – 12:25
यमगंड
15:54 – 17:38
गुलिक काल
07:12 – 08:56

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2706:37दिन
बुध06:3707:47दिन
चंद्र07:4708:56दिन
शनि08:5610:06दिन
गुरु10:0611:15दिन
मंगल11:1512:25दिन
सूर्य12:2513:34दिन
शुक्र13:3414:44दिन
बुध14:4415:54दिन
चंद्र15:5417:03दिन
शनि17:0318:13दिन
गुरु18:1319:22दिन
मंगल19:2220:13रात
सूर्य20:1321:03रात
शुक्र21:0321:54रात
बुध21:5422:44रात
चंद्र22:4423:35रात
शनि23:3500:25रात
गुरु00:2501:16रात
मंगल01:1602:06रात
सूर्य02:0602:56रात
शुक्र02:5603:47रात
बुध03:4704:37रात
चंद्र04:3705:28रात

अयनांश 23.9060° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।