6 जुलाई 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

रविवार, 6 जुलाई 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 6 जुलाई 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (20:58 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (13:36 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 17:38 से 19:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 19:22
रात 05:29 तक
तिथि
सप्तमी, 20:58 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 13:36 तक
हस्त
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जुलाई 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:28 – 07:12टालें
चर07:12 – 08:57सामान्य
लाभ08:57 – 10:41शुभ
अमृत10:41 – 12:25शुभ
काल12:25 – 14:10टालें
शुभ14:10 – 15:54शुभ
रोग15:54 – 17:38टालें
उद्वेग17:38 – 19:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:22 – 20:38शुभ
अमृत20:38 – 21:54शुभ
चर21:54 – 23:10सामान्य
रोग23:10 – 00:25टालें
काल00:25 – 01:41टालें
लाभ01:41 – 02:57शुभ
उद्वेग02:57 – 04:13टालें
शुभ04:13 – 05:29शुभ

6 जुलाई 2003 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 20:58 तक
शुक्ल अष्टमी 19:01, 7 जुल॰ तक
नक्षत्र
हस्त 12:32, 7 जुल॰ तक
योग
वरीयान 13:39 तक
परिघअशुभ 11:08, 7 जुल॰ तक
करण
गर 09:49 तक
वणिज 20:58 तक
विष्टि (भद्रा) 08:02, 7 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
11:37
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
17:38 – 19:22
यमगंड
12:25 – 14:10
गुलिक काल
15:54 – 17:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2806:38दिन
शुक्र06:3807:47दिन
बुध07:4708:57दिन
चंद्र08:5710:06दिन
शनि10:0611:16दिन
गुरु11:1612:25दिन
मंगल12:2513:35दिन
सूर्य13:3514:44दिन
शुक्र14:4415:54दिन
बुध15:5417:03दिन
चंद्र17:0318:13दिन
शनि18:1319:22दिन
गुरु19:2220:13रात
मंगल20:1321:03रात
सूर्य21:0321:54रात
शुक्र21:5422:44रात
बुध22:4423:35रात
चंद्र23:3500:25रात
शनि00:2501:16रात
गुरु01:1602:07रात
मंगल02:0702:57रात
सूर्य02:5703:48रात
शुक्र03:4804:38रात
बुध04:3805:29रात

अयनांश 23.9061° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।