18 अगस्त 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 18 अगस्त 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 18 अगस्त 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (14:30 तक), नक्षत्र अश्विनी (14:57 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 07:29 से 09:08 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:58
रात 05:52 तक
तिथि
षष्ठी, 14:30 तक
सप्तमी
नक्षत्र
अश्विनी, 14:57 तक
भरणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अगस्त 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:51 – 07:29शुभ
काल07:29 – 09:08टालें
शुभ09:08 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:24टालें
उद्वेग12:24 – 14:03टालें
चर14:03 – 15:41सामान्य
लाभ15:41 – 17:19शुभ
अमृत17:19 – 18:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:58 – 20:19सामान्य
रोग20:19 – 21:41टालें
काल21:41 – 23:03टालें
लाभ23:03 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:08शुभ
अमृत03:08 – 04:30शुभ
चर04:30 – 05:52सामान्य

18 अगस्त 2003 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 14:30 तक
कृष्ण सप्तमी 17:01, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
भरणी 18:00, 19 अग॰ तक
योग
गंडअशुभ 12:50 तक
वृद्धि 13:50, 19 अग॰ तक
करण
वणिज 14:30 तक
विष्टि (भद्रा) 03:44, 19 अग॰ तक
बव 17:01, 19 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
22:39
चंद्रास्त
11:16
दिनमान
13h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
07:29 – 09:08
यमगंड
10:46 – 12:24
गुलिक काल
14:03 – 15:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5106:57दिन
शनि06:5708:02दिन
गुरु08:0209:08दिन
मंगल09:0810:13दिन
सूर्य10:1311:19दिन
शुक्र11:1912:24दिन
बुध12:2413:30दिन
चंद्र13:3014:36दिन
शनि14:3615:41दिन
गुरु15:4116:47दिन
मंगल16:4717:52दिन
सूर्य17:5218:58दिन
शुक्र18:5819:52रात
बुध19:5220:47रात
चंद्र20:4721:41रात
शनि21:4122:36रात
गुरु22:3623:30रात
मंगल23:3000:25रात
सूर्य00:2501:19रात
शुक्र01:1902:14रात
बुध02:1403:08रात
चंद्र03:0804:03रात
शनि04:0304:57रात
गुरु04:5705:52रात

अयनांश 23.9077° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।