7 अक्टूबर 2003 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2003, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 7 अक्टूबर 2003 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (09:48 तक), नक्षत्र शतभिषा (21:52 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 18:00 पर है। राहुकाल 15:04 से 16:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 18:00
रात 06:17 तक
तिथि
द्वादशी, 09:48 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
शतभिषा, 21:52 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:16 – 07:44टालें
उद्वेग07:44 – 09:12टालें
चर09:12 – 10:40सामान्य
लाभ10:40 – 12:08शुभ
अमृत12:08 – 13:36शुभ
काल13:36 – 15:04टालें
शुभ15:04 – 16:32शुभ
रोग16:32 – 18:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:00 – 19:33टालें
लाभ19:33 – 21:05शुभ
उद्वेग21:05 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 00:09शुभ
अमृत00:09 – 01:41शुभ
चर01:41 – 03:13सामान्य
रोग03:13 – 04:45टालें
काल04:45 – 06:17टालें

7 अक्टूबर 2003 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 09:48 तक
शुक्ल त्रयोदशी 10:24, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:52 तक
पूर्वा भाद्रपद 23:18, 8 अक्टू॰ तक
योग
गंडअशुभ 03:35, 8 अक्टू॰ तक
वृद्धि 03:14, 9 अक्टू॰ तक
करण
बालव 09:48 तक
कौलव 22:03 तक
तैतिल 10:24, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:00
चंद्रोदय
16:43
चंद्रास्त
03:18
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:04 – 16:32
यमगंड
09:12 – 10:40
गुलिक काल
12:08 – 13:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1607:15दिन
सूर्य07:1508:14दिन
शुक्र08:1409:12दिन
बुध09:1210:11दिन
चंद्र10:1111:10दिन
शनि11:1012:08दिन
गुरु12:0813:07दिन
मंगल13:0714:06दिन
सूर्य14:0615:04दिन
शुक्र15:0416:03दिन
बुध16:0317:02दिन
चंद्र17:0218:00दिन
शनि18:0019:02रात
गुरु19:0220:03रात
मंगल20:0321:05रात
सूर्य21:0522:06रात
शुक्र22:0623:07रात
बुध23:0700:09रात
चंद्र00:0901:10रात
शनि01:1002:11रात
गुरु02:1103:13रात
मंगल03:1304:14रात
सूर्य04:1405:16रात
शुक्र05:1606:17रात

अयनांश 23.9096° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।