1 जुलाई 2004 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 1 जुलाई 2004, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 जुलाई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (20:31 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (13:56 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:26 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 14:09 से 15:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:26 – 19:23
रात 05:27 तक
तिथि
चतुर्दशी, 20:31 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 13:56 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जुलाई 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:26 – 07:11शुभ
रोग07:11 – 08:55टालें
उद्वेग08:55 – 10:40टालें
चर10:40 – 12:24सामान्य
लाभ12:24 – 14:09शुभ
अमृत14:09 – 15:53शुभ
काल15:53 – 17:38टालें
शुभ17:38 – 19:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:23 – 20:38शुभ
चर20:38 – 21:54सामान्य
रोग21:54 – 23:09टालें
काल23:09 – 00:25टालें
लाभ00:25 – 01:40शुभ
उद्वेग01:40 – 02:56टालें
शुभ02:56 – 04:11शुभ
अमृत04:11 – 05:27शुभ

1 जुलाई 2004 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 20:31 तक
पूर्णिमा 16:38, 2 जुल॰ तक
नक्षत्र
मूल 10:55, 2 जुल॰ तक
योग
शुक्ल 19:59 तक
ब्रह्म 15:43, 2 जुल॰ तक
करण
गर 10:25 तक
वणिज 20:31 तक
विष्टि (भद्रा) 06:35, 2 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:26
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
18:33
चंद्रास्त
03:45
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926, तारण संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
14:09 – 15:53
यमगंड
05:26 – 07:11
गुलिक काल
08:55 – 10:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:2606:36दिन
मंगल06:3607:46दिन
सूर्य07:4608:55दिन
शुक्र08:5510:05दिन
बुध10:0511:15दिन
चंद्र11:1512:24दिन
शनि12:2413:34दिन
गुरु13:3414:44दिन
मंगल14:4415:53दिन
सूर्य15:5317:03दिन
शुक्र17:0318:13दिन
बुध18:1319:23दिन
चंद्र19:2320:13रात
शनि20:1321:03रात
गुरु21:0321:54रात
मंगल21:5422:44रात
सूर्य22:4423:34रात
शुक्र23:3400:25रात
बुध00:2501:15रात
चंद्र01:1502:05रात
शनि02:0502:56रात
गुरु02:5603:46रात
मंगल03:4604:36रात
सूर्य04:3605:27रात

अयनांश 23.9199° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।