6 जुलाई 2004 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 6 जुलाई 2004, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 जुलाई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (01:51, 7 जुल॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (23:49 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 15:54 से 17:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 19:22
रात 05:29 तक
तिथि
पंचमी, 01:51 तक
षष्ठी
नक्षत्र
शतभिषा, 23:49 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जुलाई 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:28 – 07:13टालें
उद्वेग07:13 – 08:57टालें
चर08:57 – 10:41सामान्य
लाभ10:41 – 12:25शुभ
अमृत12:25 – 14:10शुभ
काल14:10 – 15:54टालें
शुभ15:54 – 17:38शुभ
रोग17:38 – 19:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:22 – 20:38टालें
लाभ20:38 – 21:54शुभ
उद्वेग21:54 – 23:10टालें
शुभ23:10 – 00:26शुभ
अमृत00:26 – 01:41शुभ
चर01:41 – 02:57सामान्य
रोग02:57 – 04:13टालें
काल04:13 – 05:29टालें

6 जुलाई 2004 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 01:51, 7 जुल॰ तक
कृष्ण षष्ठी 00:53, 8 जुल॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 23:49 तक
पूर्वा भाद्रपद 23:33, 7 जुल॰ तक
योग
आयुष्मान 22:04 तक
सौभाग्य 20:09, 7 जुल॰ तक
करण
कौलव 14:38 तक
तैतिल 01:51, 7 जुल॰ तक
गर 13:15, 7 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
22:49
चंद्रास्त
09:28
दिनमान
13h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926, तारण संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
15:54 – 17:38
यमगंड
08:57 – 10:41
गुलिक काल
12:25 – 14:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2806:38दिन
सूर्य06:3807:47दिन
शुक्र07:4708:57दिन
बुध08:5710:06दिन
चंद्र10:0611:16दिन
शनि11:1612:25दिन
गुरु12:2513:35दिन
मंगल13:3514:44दिन
सूर्य14:4415:54दिन
शुक्र15:5417:03दिन
बुध17:0318:13दिन
चंद्र18:1319:22दिन
शनि19:2220:13रात
गुरु20:1321:03रात
मंगल21:0321:54रात
सूर्य21:5422:44रात
शुक्र22:4423:35रात
बुध23:3500:26रात
चंद्र00:2601:16रात
शनि01:1602:07रात
गुरु02:0702:57रात
मंगल02:5703:48रात
सूर्य03:4804:38रात
शुक्र04:3805:29रात

अयनांश 23.9201° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।