31 जुलाई 2004 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शनिवार, 31 जुलाई 2004, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 31 जुलाई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (23:35 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (15:40 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:42 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 09:04 से 10:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:42 – 19:12
रात 05:42 तक
तिथि
पूर्णिमा, 23:35 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 15:40 तक
श्रवण
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जुलाई 2004 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:42 – 07:23टालें
शुभ07:23 – 09:04शुभ
रोग09:04 – 10:46टालें
उद्वेग10:46 – 12:27टालें
चर12:27 – 14:08सामान्य
लाभ14:08 – 15:49शुभ
अमृत15:49 – 17:31शुभ
काल17:31 – 19:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:12 – 20:31शुभ
उद्वेग20:31 – 21:50टालें
शुभ21:50 – 23:08शुभ
अमृत23:08 – 00:27शुभ
चर00:27 – 01:46सामान्य
रोग01:46 – 03:05टालें
काल03:05 – 04:23टालें
लाभ04:23 – 05:42शुभ

31 जुलाई 2004 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
पूर्णिमा 23:35 तक
कृष्ण प्रतिपदा 20:22, 1 अग॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:09, 1 अग॰ तक
योग
प्रीति 18:45 तक
आयुष्मान 14:59, 1 अग॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:18 तक
बव 23:35 तक
बालव 09:56, 1 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:42
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
19:18
चंद्रास्त
04:44
दिनमान
13h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
अधिक श्रावण
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926, तारण संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:04 – 10:46
यमगंड
14:08 – 15:49
गुलिक काल
05:42 – 07:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4206:49दिन
गुरु06:4907:57दिन
मंगल07:5709:04दिन
सूर्य09:0410:12दिन
शुक्र10:1211:19दिन
बुध11:1912:27दिन
चंद्र12:2713:34दिन
शनि13:3414:42दिन
गुरु14:4215:49दिन
मंगल15:4916:57दिन
सूर्य16:5718:05दिन
शुक्र18:0519:12दिन
बुध19:1220:05रात
चंद्र20:0520:57रात
शनि20:5721:50रात
गुरु21:5022:42रात
मंगल22:4223:35रात
सूर्य23:3500:27रात
शुक्र00:2701:20रात
बुध01:2002:12रात
चंद्र02:1203:05रात
शनि03:0503:57रात
गुरु03:5704:50रात
मंगल04:5005:42रात

अयनांश 23.9210° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।