19 जून 2011 को नई दिल्ली का चौघड़िया

रविवार, 19 जून 2011, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 19 जून 2011 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (23:30 तक), नक्षत्र श्रवण (01:51, 20 जून तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 17:36 से 19:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 19:21
रात 05:23 तक
तिथि
चतुर्थी, 23:30 तक
पंचमी
नक्षत्र
श्रवण, 01:51 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जून 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:23 – 07:08टालें
चर07:08 – 08:52सामान्य
लाभ08:52 – 10:37शुभ
अमृत10:37 – 12:22शुभ
काल12:22 – 14:07टालें
शुभ14:07 – 15:51शुभ
रोग15:51 – 17:36टालें
उद्वेग17:36 – 19:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:21 – 20:36शुभ
अमृत20:36 – 21:51शुभ
चर21:51 – 23:07सामान्य
रोग23:07 – 00:22टालें
काल00:22 – 01:37टालें
लाभ01:37 – 02:53शुभ
उद्वेग02:53 – 04:08टालें
शुभ04:08 – 05:23शुभ

19 जून 2011 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 23:30 तक
कृष्ण पंचमी 00:31, 21 जून तक
नक्षत्र
श्रवण 01:51, 20 जून तक
धनिष्ठा 03:35, 21 जून तक
योग
इंद्र 06:46 तक
वैधृतिअशुभ 06:15, 20 जून तक
करण
बव 11:13 तक
बालव 23:30 तक
कौलव 11:56, 20 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
22:04
चंद्रास्त
08:38
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
17:36 – 19:21
यमगंड
12:22 – 14:07
गुलिक काल
15:51 – 17:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2306:33दिन
शुक्र06:3307:43दिन
बुध07:4308:52दिन
चंद्र08:5210:02दिन
शनि10:0211:12दिन
गुरु11:1212:22दिन
मंगल12:2213:32दिन
सूर्य13:3214:42दिन
शुक्र14:4215:51दिन
बुध15:5117:01दिन
चंद्र17:0118:11दिन
शनि18:1119:21दिन
गुरु19:2120:11रात
मंगल20:1121:01रात
सूर्य21:0121:51रात
शुक्र21:5122:42रात
बुध22:4223:32रात
चंद्र23:3200:22रात
शनि00:2201:12रात
गुरु01:1202:02रात
मंगल02:0202:53रात
सूर्य02:5303:43रात
शुक्र03:4304:33रात
बुध04:3305:23रात

अयनांश 24.0172° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।