26 जून 2011 को नई दिल्ली का चौघड़िया

रविवार, 26 जून 2011, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 26 जून 2011 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (10:58 तक), नक्षत्र अश्विनी (17:03 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 19:22 पर है। राहुकाल 17:38 से 19:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 19:22
रात 05:25 तक
तिथि
दशमी, 10:58 तक
एकादशी
नक्षत्र
अश्विनी, 17:03 तक
भरणी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 जून 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:25 – 07:09टालें
चर07:09 – 08:54सामान्य
लाभ08:54 – 10:39शुभ
अमृत10:39 – 12:23शुभ
काल12:23 – 14:08टालें
शुभ14:08 – 15:53शुभ
रोग15:53 – 17:38टालें
उद्वेग17:38 – 19:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:22 – 20:38शुभ
अमृत20:38 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:08सामान्य
रोग23:08 – 00:24टालें
काल00:24 – 01:39टालें
लाभ01:39 – 02:54शुभ
उद्वेग02:54 – 04:10टालें
शुभ04:10 – 05:25शुभ

26 जून 2011 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण दशमी 10:58 तक
कृष्ण एकादशी 12:46, 27 जून तक
नक्षत्र
भरणी 19:21, 27 जून तक
योग
अतिगंडअशुभ 09:56 तक
सुकर्मा 10:27, 27 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:58 तक
बव 23:56 तक
बालव 12:46, 27 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
19:22
चंद्रोदय
01:16
चंद्रास्त
14:53
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:44
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
17:38 – 19:22
यमगंड
12:23 – 14:08
गुलिक काल
15:53 – 17:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2506:34दिन
शुक्र06:3407:44दिन
बुध07:4408:54दिन
चंद्र08:5410:04दिन
शनि10:0411:14दिन
गुरु11:1412:23दिन
मंगल12:2313:33दिन
सूर्य13:3314:43दिन
शुक्र14:4315:53दिन
बुध15:5317:03दिन
चंद्र17:0318:12दिन
शनि18:1219:22दिन
गुरु19:2220:12रात
मंगल20:1221:03रात
सूर्य21:0321:53रात
शुक्र21:5322:43रात
बुध22:4323:33रात
चंद्र23:3300:24रात
शनि00:2401:14रात
गुरु01:1402:04रात
मंगल02:0402:54रात
सूर्य02:5403:44रात
शुक्र03:4404:35रात
बुध04:3505:25रात

अयनांश 24.0174° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।