6 दिसंबर 2011 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 6 दिसंबर 2011, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 6 दिसंबर 2011 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (11:27 तक), नक्षत्र रेवती (07:57 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:24 पर है। राहुकाल 14:47 से 16:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 17:24
रात 07:00 तक
तिथि
एकादशी, 11:27 तक
द्वादशी
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 दिसंबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:59 – 08:17टालें
उद्वेग08:17 – 09:35टालें
चर09:35 – 10:53सामान्य
लाभ10:53 – 12:11शुभ
अमृत12:11 – 13:29शुभ
काल13:29 – 14:47टालें
शुभ14:47 – 16:06शुभ
रोग16:06 – 17:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:24 – 19:06टालें
लाभ19:06 – 20:48शुभ
उद्वेग20:48 – 22:30टालें
शुभ22:30 – 00:12शुभ
अमृत00:12 – 01:54शुभ
चर01:54 – 03:36सामान्य
रोग03:36 – 05:18टालें
काल05:18 – 07:00टालें

6 दिसंबर 2011 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 11:27 तक
शुक्ल द्वादशी 14:02, 7 दिस॰ तक
नक्षत्र
रेवती 07:57 तक
अश्विनी 10:58, 7 दिस॰ तक
योग
वरीयान 03:25, 7 दिस॰ तक
परिघअशुभ 04:13, 8 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:27 तक
बव 00:45, 7 दिस॰ तक
बालव 14:02, 7 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मीन 07:57 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:24
चंद्रोदय
14:26
चंद्रास्त
03:04
दिनमान
10h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
14:47 – 16:06
यमगंड
09:35 – 10:53
गुलिक काल
12:11 – 13:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5907:51दिन
सूर्य07:5108:43दिन
शुक्र08:4309:35दिन
बुध09:3510:27दिन
चंद्र10:2711:19दिन
शनि11:1912:11दिन
गुरु12:1113:03दिन
मंगल13:0313:55दिन
सूर्य13:5514:47दिन
शुक्र14:4715:40दिन
बुध15:4016:32दिन
चंद्र16:3217:24दिन
शनि17:2418:32रात
गुरु18:3219:40रात
मंगल19:4020:48रात
सूर्य20:4821:56रात
शुक्र21:5623:04रात
बुध23:0400:12रात
चंद्र00:1201:20रात
शनि01:2002:28रात
गुरु02:2803:36रात
मंगल03:3604:44रात
सूर्य04:4405:52रात
शुक्र05:5207:00रात

अयनांश 24.0237° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।