16 फ़रवरी 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 फ़रवरी 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (08:00 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (00:05, 17 फ़र॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 13:59 से 15:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 18:11
रात 06:58 तक
तिथि
दशमी, 06:37 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 00:05 तक
मूल
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 फ़रवरी 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:59 – 08:23शुभ
रोग08:23 – 09:47टालें
उद्वेग09:47 – 11:11टालें
चर11:11 – 12:35सामान्य
लाभ12:35 – 13:59शुभ
अमृत13:59 – 15:23शुभ
काल15:23 – 16:47टालें
शुभ16:47 – 18:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:11 – 19:47शुभ
चर19:47 – 21:23सामान्य
रोग21:23 – 22:59टालें
काल22:59 – 00:35टालें
लाभ00:35 – 02:10शुभ
उद्वेग02:10 – 03:46टालें
शुभ03:46 – 05:22शुभ
अमृत05:22 – 06:58शुभ

16 फ़रवरी 2012 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 08:00 तक
कृष्ण दशमी 06:37, 17 फ़र॰ तक
कृष्ण एकादशी 05:29, 18 फ़र॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 00:05, 17 फ़र॰ तक
मूल 23:32, 17 फ़र॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 07:38 तक
हर्षण 05:19, 17 फ़र॰ तक
वज्रअशुभ 03:12, 18 फ़र॰ तक
करण
गर 08:00 तक
वणिज 19:17 तक
विष्टि (भद्रा) 06:37, 17 फ़र॰ तक
बव 18:01, 17 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृश्चिक 00:05, 17 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
02:11
चंद्रास्त
12:52
दिनमान
11h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:16 – 06:08
अभिजीत मुहूर्त
12:13 – 12:57

अशुभ समय

राहुकाल
13:59 – 15:23
यमगंड
06:59 – 08:23
गुलिक काल
09:47 – 11:11

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5907:55दिन
मंगल07:5508:51दिन
सूर्य08:5109:47दिन
शुक्र09:4710:43दिन
बुध10:4311:39दिन
चंद्र11:3912:35दिन
शनि12:3513:31दिन
गुरु13:3114:27दिन
मंगल14:2715:23दिन
सूर्य15:2316:19दिन
शुक्र16:1917:15दिन
बुध17:1518:11दिन
चंद्र18:1119:15रात
शनि19:1520:19रात
गुरु20:1921:23रात
मंगल21:2322:27रात
सूर्य22:2723:31रात
शुक्र23:3100:35रात
बुध00:3501:38रात
चंद्र01:3802:42रात
शनि02:4203:46रात
गुरु03:4604:50रात
मंगल04:5005:54रात
सूर्य05:5406:58रात

अयनांश 24.0264° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।