19 अप्रैल 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 19 अप्रैल 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 19 अप्रैल 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (08:18 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (18:45 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 13:57 से 15:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:49
रात 05:50 तक
तिथि
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 18:45 तक
रेवती
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अप्रैल 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:51 – 07:28शुभ
रोग07:28 – 09:05टालें
उद्वेग09:05 – 10:43टालें
चर10:43 – 12:20सामान्य
लाभ12:20 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:34शुभ
काल15:34 – 17:12टालें
शुभ17:12 – 18:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:49 – 20:12शुभ
चर20:12 – 21:34सामान्य
रोग21:34 – 22:57टालें
काल22:57 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:05टालें
शुभ03:05 – 04:27शुभ
अमृत04:27 – 05:50शुभ

19 अप्रैल 2012 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 08:18 तक
कृष्ण चतुर्दशी 10:25, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
रेवती 21:31, 20 अप्रैल तक
योग
इंद्र 07:58 तक
वैधृतिअशुभ 08:37, 20 अप्रैल तक
करण
वणिज 08:18 तक
विष्टि (भद्रा) 21:19 तक
शकुनि 10:25, 20 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
04:25
चंद्रास्त
17:15
दिनमान
12h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
13:57 – 15:34
यमगंड
05:51 – 07:28
गुलिक काल
09:05 – 10:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5106:56दिन
मंगल06:5608:01दिन
सूर्य08:0109:05दिन
शुक्र09:0510:10दिन
बुध10:1011:15दिन
चंद्र11:1512:20दिन
शनि12:2013:25दिन
गुरु13:2514:30दिन
मंगल14:3015:34दिन
सूर्य15:3416:39दिन
शुक्र16:3917:44दिन
बुध17:4418:49दिन
चंद्र18:4919:44रात
शनि19:4420:39रात
गुरु20:3921:34रात
मंगल21:3422:29रात
सूर्य22:2923:24रात
शुक्र23:2400:19रात
बुध00:1901:15रात
चंद्र01:1502:10रात
शनि02:1003:05रात
गुरु03:0504:00रात
मंगल04:0004:55रात
सूर्य04:5505:50रात

अयनांश 24.0288° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।