16 मई 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 16 मई 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 16 मई 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (19:21 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (00:35, 17 मई तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 19:05 पर है। राहुकाल 12:17 से 13:59 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 19:05
रात 05:29 तक
तिथि
एकादशी, 19:21 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 00:35 तक
रेवती
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मई 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:29 – 07:11शुभ
अमृत07:11 – 08:53शुभ
काल08:53 – 10:35टालें
शुभ10:35 – 12:17शुभ
रोग12:17 – 13:59टालें
उद्वेग13:59 – 15:41टालें
चर15:41 – 17:23सामान्य
लाभ17:23 – 19:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:05 – 20:23टालें
शुभ20:23 – 21:41शुभ
अमृत21:41 – 22:59शुभ
चर22:59 – 00:17सामान्य
रोग00:17 – 01:35टालें
काल01:35 – 02:53टालें
लाभ02:53 – 04:11शुभ
उद्वेग04:11 – 05:29टालें

16 मई 2012 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 19:21 तक
कृष्ण द्वादशी 21:36, 17 मई तक
नक्षत्र
रेवती 03:27, 18 मई तक
योग
विष्कंभअशुभ 14:13 तक
प्रीति 14:58, 17 मई तक
करण
बव 06:22 तक
बालव 19:21 तक
कौलव 08:27, 17 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
19:05
चंद्रोदय
02:27
चंद्रास्त
15:11
दिनमान
13h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
वैशाख
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:48
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:44 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:17 – 13:59
यमगंड
07:11 – 08:53
गुलिक काल
10:35 – 12:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2906:37दिन
चंद्र06:3707:45दिन
शनि07:4508:53दिन
गुरु08:5310:01दिन
मंगल10:0111:09दिन
सूर्य11:0912:17दिन
शुक्र12:1713:25दिन
बुध13:2514:33दिन
चंद्र14:3315:41दिन
शनि15:4116:49दिन
गुरु16:4917:57दिन
मंगल17:5719:05दिन
सूर्य19:0519:57रात
शुक्र19:5720:49रात
बुध20:4921:41रात
चंद्र21:4122:33रात
शनि22:3323:25रात
गुरु23:2500:17रात
मंगल00:1701:09रात
सूर्य01:0902:01रात
शुक्र02:0102:53रात
बुध02:5303:45रात
चंद्र03:4504:37रात
शनि04:3705:29रात

अयनांश 24.0299° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।