19 जून 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 19 जून 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 19 जून 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (20:32 तक), नक्षत्र मृगशिरा (00:26, 20 जून तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 19:21 पर है। राहुकाल 15:52 से 17:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 19:21
रात 05:23 तक
तिथि
अमावस्या, 20:32 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
मृगशिरा, 00:26 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जून 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:23 – 07:08टालें
उद्वेग07:08 – 08:53टालें
चर08:53 – 10:37सामान्य
लाभ10:37 – 12:22शुभ
अमृत12:22 – 14:07शुभ
काल14:07 – 15:52टालें
शुभ15:52 – 17:36शुभ
रोग17:36 – 19:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:21 – 20:36टालें
लाभ20:36 – 21:52शुभ
उद्वेग21:52 – 23:07टालें
शुभ23:07 – 00:22शुभ
अमृत00:22 – 01:37शुभ
चर01:37 – 02:53सामान्य
रोग02:53 – 04:08टालें
काल04:08 – 05:23टालें

19 जून 2012 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 20:32 तक
शुक्ल प्रतिपदा 22:06, 20 जून तक
नक्षत्र
मृगशिरा 00:26, 20 जून तक
आर्द्रा 02:34, 21 जून तक
योग
गंडअशुभ 03:47, 20 जून तक
वृद्धि 03:59, 21 जून तक
करण
चतुष्पद 07:35 तक
नाग 20:32 तक
किंस्तुघ्न 09:22, 20 जून तक
चंद्र राशि
वृषभ 11:14 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
19:21
चंद्रोदय
05:01
चंद्रास्त
19:08
दिनमान
13h 58m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:50

अशुभ समय

राहुकाल
15:52 – 17:36
यमगंड
08:53 – 10:37
गुलिक काल
12:22 – 14:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2306:33दिन
सूर्य06:3307:43दिन
शुक्र07:4308:53दिन
बुध08:5310:02दिन
चंद्र10:0211:12दिन
शनि11:1212:22दिन
गुरु12:2213:32दिन
मंगल13:3214:42दिन
सूर्य14:4215:52दिन
शुक्र15:5217:01दिन
बुध17:0118:11दिन
चंद्र18:1119:21दिन
शनि19:2120:11रात
गुरु20:1121:01रात
मंगल21:0121:52रात
सूर्य21:5222:42रात
शुक्र22:4223:32रात
बुध23:3200:22रात
चंद्र00:2201:12रात
शनि01:1202:03रात
गुरु02:0302:53रात
मंगल02:5303:43रात
सूर्य03:4304:33रात
शुक्र04:3305:23रात

अयनांश 24.0312° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।