2 जुलाई 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 2 जुलाई 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 जुलाई 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (06:30 तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (18:38 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 07:11 से 08:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 19:23
रात 05:27 तक
तिथि
चतुर्दशी, 03:21 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 18:38 तक
मूल
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 जुलाई 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:27 – 07:11शुभ
काल07:11 – 08:56टालें
शुभ08:56 – 10:40शुभ
रोग10:40 – 12:25टालें
उद्वेग12:25 – 14:09टालें
चर14:09 – 15:54सामान्य
लाभ15:54 – 17:38शुभ
अमृत17:38 – 19:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:23 – 20:38सामान्य
रोग20:38 – 21:54टालें
काल21:54 – 23:09टालें
लाभ23:09 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 02:56शुभ
अमृत02:56 – 04:12शुभ
चर04:12 – 05:27सामान्य

2 जुलाई 2012 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 06:30 तक
शुक्ल चतुर्दशी 03:21, 3 जुल॰ तक
पूर्णिमा 00:21, 4 जुल॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:23, 3 जुल॰ तक
योग
शुक्ल 23:12 तक
ब्रह्म 19:39, 3 जुल॰ तक
करण
तैतिल 06:30 तक
गर 16:55 तक
वणिज 03:21, 3 जुल॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:50, 3 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
18:00
चंद्रास्त
03:43
दिनमान
13h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:06 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
07:11 – 08:56
यमगंड
10:40 – 12:25
गुलिक काल
14:09 – 15:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2706:37दिन
शनि06:3707:46दिन
गुरु07:4608:56दिन
मंगल08:5610:05दिन
सूर्य10:0511:15दिन
शुक्र11:1512:25दिन
बुध12:2513:34दिन
चंद्र13:3414:44दिन
शनि14:4415:54दिन
गुरु15:5417:03दिन
मंगल17:0318:13दिन
सूर्य18:1319:23दिन
शुक्र19:2320:13रात
बुध20:1321:03रात
चंद्र21:0321:54रात
शनि21:5422:44रात
गुरु22:4423:34रात
मंगल23:3400:25रात
सूर्य00:2501:15रात
शुक्र01:1502:06रात
बुध02:0602:56रात
चंद्र02:5603:46रात
शनि03:4604:37रात
गुरु04:3705:27रात

अयनांश 24.0317° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।