6 अगस्त 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

सोमवार, 6 अगस्त 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 अगस्त 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (06:12 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (22:58 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 19:08 पर है। राहुकाल 07:25 से 09:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 19:08
रात 05:46 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद, 22:58 तक
रेवती
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अगस्त 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:45 – 07:25शुभ
काल07:25 – 09:06टालें
शुभ09:06 – 10:46शुभ
रोग10:46 – 12:26टालें
उद्वेग12:26 – 14:07टालें
चर14:07 – 15:47सामान्य
लाभ15:47 – 17:27शुभ
अमृत17:27 – 19:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:08 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 21:47टालें
काल21:47 – 23:07टालें
लाभ23:07 – 00:27शुभ
उद्वेग00:27 – 01:46टालें
शुभ01:46 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:26शुभ
चर04:26 – 05:46सामान्य

6 अगस्त 2012 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 06:12 तक
कृष्ण पंचमी 07:15, 7 अग॰ तक
नक्षत्र
रेवती 01:05, 8 अग॰ तक
योग
सुकर्मा 15:55 तक
धृति 15:59, 7 अग॰ तक
करण
बालव 06:12 तक
कौलव 18:38 तक
तैतिल 07:15, 7 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
19:08
चंद्रोदय
21:32
चंद्रास्त
09:39
दिनमान
13h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:53

अशुभ समय

राहुकाल
07:25 – 09:06
यमगंड
10:46 – 12:26
गुलिक काल
14:07 – 15:47

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4506:52दिन
शनि06:5207:59दिन
गुरु07:5909:06दिन
मंगल09:0610:13दिन
सूर्य10:1311:19दिन
शुक्र11:1912:26दिन
बुध12:2613:33दिन
चंद्र13:3314:40दिन
शनि14:4015:47दिन
गुरु15:4716:54दिन
मंगल16:5418:01दिन
सूर्य18:0119:08दिन
शुक्र19:0820:01रात
बुध20:0120:54रात
चंद्र20:5421:47रात
शनि21:4722:40रात
गुरु22:4023:33रात
मंगल23:3300:27रात
सूर्य00:2701:20रात
शुक्र01:2002:13रात
बुध02:1303:06रात
चंद्र03:0603:59रात
शनि03:5904:52रात
गुरु04:5205:46रात

अयनांश 24.0330° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।