6 सितंबर 2012 को नई दिल्ली का चौघड़िया

गुरुवार, 6 सितंबर 2012, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 सितंबर 2012 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (02:53, 7 सित॰ तक), नक्षत्र भरणी (14:46 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:36 पर है। राहुकाल 13:53 से 15:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:36
रात 06:02 तक
तिथि
षष्ठी, 02:53 तक
सप्तमी
नक्षत्र
भरणी, 14:46 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 सितंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:01 – 07:36शुभ
रोग07:36 – 09:10टालें
उद्वेग09:10 – 10:44टालें
चर10:44 – 12:19सामान्य
लाभ12:19 – 13:53शुभ
अमृत13:53 – 15:27शुभ
काल15:27 – 17:02टालें
शुभ17:02 – 18:36शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:36 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:28सामान्य
रोग21:28 – 22:53टालें
काल22:53 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:45शुभ
उद्वेग01:45 – 03:10टालें
शुभ03:10 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 06:02शुभ

6 सितंबर 2012 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 02:53, 7 सित॰ तक
कृष्ण सप्तमी 05:29, 8 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 14:46 तक
कृत्तिका 17:52, 7 सित॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 03:00, 7 सित॰ तक
हर्षण 04:04, 8 सित॰ तक
करण
गर 13:37 तक
वणिज 02:53, 7 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:11, 7 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 21:32 तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:36
चंद्रोदय
22:00
चंद्रास्त
11:04
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
अधिक भाद्रपद
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
11:54 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
13:53 – 15:27
यमगंड
06:01 – 07:36
गुलिक काल
09:10 – 10:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0107:04दिन
मंगल07:0408:07दिन
सूर्य08:0709:10दिन
शुक्र09:1010:13दिन
बुध10:1311:16दिन
चंद्र11:1612:19दिन
शनि12:1913:22दिन
गुरु13:2214:25दिन
मंगल14:2515:27दिन
सूर्य15:2716:30दिन
शुक्र16:3017:33दिन
बुध17:3318:36दिन
चंद्र18:3619:33रात
शनि19:3320:30रात
गुरु20:3021:28रात
मंगल21:2822:25रात
सूर्य22:2523:22रात
शुक्र23:2200:19रात
बुध00:1901:16रात
चंद्र01:1602:13रात
शनि02:1303:10रात
गुरु03:1004:07रात
मंगल04:0705:05रात
सूर्य05:0506:02रात

अयनांश 24.0342° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।