6 मई 2016 को नई दिल्ली का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 मई 2016, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 मई 2016 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (00:59, 7 मई तक), नक्षत्र अश्विनी (10:22 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:36 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:36 – 18:59
रात 05:35 तक
तिथि
अमावस्या, 00:59 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 10:22 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मई 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:36 – 07:16सामान्य
लाभ07:16 – 08:57शुभ
अमृत08:57 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:17टालें
शुभ12:17 – 13:58शुभ
रोग13:58 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:19टालें
चर17:19 – 18:59सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:59 – 20:19टालें
काल20:19 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 22:58शुभ
उद्वेग22:58 – 00:17टालें
शुभ00:17 – 01:37शुभ
अमृत01:37 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:16सामान्य
रोग04:16 – 05:35टालें

6 मई 2016 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
अमावस्या 00:59, 7 मई तक
शुक्ल प्रतिपदा 21:17, 7 मई तक
नक्षत्र
भरणी 07:24, 7 मई तक
योग
आयुष्मान 17:16 तक
सौभाग्य 13:04, 7 मई तक
करण
चतुष्पद 14:53 तक
नाग 00:59, 7 मई तक
किंस्तुघ्न 11:07, 7 मई तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:36
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
05:16
चंद्रास्त
18:32
दिनमान
13h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:44

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:17
यमगंड
15:38 – 17:19
गुलिक काल
07:16 – 08:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3606:43दिन
बुध06:4307:50दिन
चंद्र07:5008:57दिन
शनि08:5710:04दिन
गुरु10:0411:11दिन
मंगल11:1112:17दिन
सूर्य12:1713:24दिन
शुक्र13:2414:31दिन
बुध14:3115:38दिन
चंद्र15:3816:45दिन
शनि16:4517:52दिन
गुरु17:5218:59दिन
मंगल18:5919:52रात
सूर्य19:5220:45रात
शुक्र20:4521:38रात
बुध21:3822:31रात
चंद्र22:3123:24रात
शनि23:2400:17रात
गुरु00:1701:10रात
मंगल01:1002:03रात
सूर्य02:0302:56रात
शुक्र02:5603:49रात
बुध03:4904:42रात
चंद्र04:4205:35रात

अयनांश 24.0854° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।