16 अगस्त 2016 को नई दिल्ली का चौघड़िया

मंगलवार, 16 अगस्त 2016, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 अगस्त 2016 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (17:26 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (00:42, 17 अग॰ तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:59 पर है। राहुकाल 15:42 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:59
रात 05:51 तक
तिथि
त्रयोदशी, 17:26 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 00:42 तक
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अगस्त 2016 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:51 – 07:29टालें
उद्वेग07:29 – 09:08टालें
चर09:08 – 10:46सामान्य
लाभ10:46 – 12:25शुभ
अमृत12:25 – 14:03शुभ
काल14:03 – 15:42टालें
शुभ15:42 – 17:20शुभ
रोग17:20 – 18:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:59 – 20:20टालें
लाभ20:20 – 21:42शुभ
उद्वेग21:42 – 23:03टालें
शुभ23:03 – 00:25शुभ
अमृत00:25 – 01:46शुभ
चर01:46 – 03:08सामान्य
रोग03:08 – 04:30टालें
काल04:30 – 05:51टालें

16 अगस्त 2016 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 17:26 तक
शुक्ल चतुर्दशी 16:27, 17 अग॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 00:42, 17 अग॰ तक
श्रवण 00:16, 18 अग॰ तक
योग
आयुष्मान 00:18, 17 अग॰ तक
सौभाग्य 22:20, 17 अग॰ तक
करण
तैतिल 17:26 तक
गर 05:01, 17 अग॰ तक
वणिज 16:27, 17 अग॰ तक
चंद्र राशि
धनु 06:39 तक
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:59
चंद्रोदय
17:23
चंद्रास्त
03:35
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2073
शक संवत
1938, दुर्मुख संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:24 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
15:42 – 17:20
यमगंड
09:08 – 10:46
गुलिक काल
12:25 – 14:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5106:56दिन
सूर्य06:5608:02दिन
शुक्र08:0209:08दिन
बुध09:0810:13दिन
चंद्र10:1311:19दिन
शनि11:1912:25दिन
गुरु12:2513:30दिन
मंगल13:3014:36दिन
सूर्य14:3615:42दिन
शुक्र15:4216:47दिन
बुध16:4717:53दिन
चंद्र17:5318:59दिन
शनि18:5919:53रात
गुरु19:5320:48रात
मंगल20:4821:42रात
सूर्य21:4222:36रात
शुक्र22:3623:31रात
बुध23:3100:25रात
चंद्र00:2501:19रात
शनि01:1902:14रात
गुरु02:1403:08रात
मंगल03:0804:02रात
सूर्य04:0204:57रात
शुक्र04:5705:51रात

अयनांश 24.0893° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।