5 नवंबर 2025 को नोएडा का चौघड़िया

बुधवार, 5 नवंबर 2025, नोएडा, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 5 नवंबर 2025 को नोएडा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (18:49 तक), नक्षत्र अश्विनी (09:40 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 12:03 से 13:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 17:32
रात 06:35 तक
तिथि
पूर्णिमा, 18:49 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी, 09:40 तक
भरणी, 06:34 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:35 – 07:57शुभ
अमृत07:57 – 09:19शुभ
काल09:19 – 10:41टालें
शुभ10:41 – 12:03शुभ
रोग12:03 – 13:26टालें
उद्वेग13:26 – 14:48टालें
चर14:48 – 16:10सामान्य
लाभ16:10 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:32 – 19:10टालें
शुभ19:10 – 20:48शुभ
अमृत20:48 – 22:26शुभ
चर22:26 – 00:04सामान्य
रोग00:04 – 01:42टालें
काल01:42 – 03:20टालें
लाभ03:20 – 04:58शुभ
उद्वेग04:58 – 06:35टालें

5 नवंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 18:49 तक
कृष्ण प्रतिपदा 14:55, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 06:34, 6 नव॰ तक
कृत्तिका 03:27, 7 नव॰ तक
योग
सिद्धि 11:28 तक
व्यतीपातअशुभ 07:04, 6 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:44 तक
बव 18:49 तक
बालव 04:52, 6 नव॰ तक
कौलव 14:55, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
17:11
चंद्रास्त
06:06
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:25 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:03 – 13:26
यमगंड
07:57 – 09:19
गुलिक काल
10:41 – 12:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3507:29दिन
चंद्र07:2908:24दिन
शनि08:2409:19दिन
गुरु09:1910:14दिन
मंगल10:1411:09दिन
सूर्य11:0912:03दिन
शुक्र12:0312:58दिन
बुध12:5813:53दिन
चंद्र13:5314:48दिन
शनि14:4815:42दिन
गुरु15:4216:37दिन
मंगल16:3717:32दिन
सूर्य17:3218:37रात
शुक्र18:3719:43रात
बुध19:4320:48रात
चंद्र20:4821:53रात
शनि21:5322:58रात
गुरु22:5800:04रात
मंगल00:0401:09रात
सूर्य01:0902:14रात
शुक्र02:1403:20रात
बुध03:2004:25रात
चंद्र04:2505:30रात
शनि05:3006:35रात

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय नोएडा (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।