8 जनवरी 2028 को पानीपत का चौघड़िया

शनिवार, 8 जनवरी 2028, पानीपत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 जनवरी 2028 को पानीपत में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (19:36 तक), नक्षत्र कृत्तिका (03:20, 9 जन॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 07:17 पर और सूर्यास्त 17:39 पर है। राहुकाल 09:53 से 11:10 तक है।

दिन और रात
दिन 07:17 – 17:39
रात 07:17 तक
तिथि
एकादशी, 19:36 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 03:20 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:17 – 08:35टालें
शुभ08:35 – 09:53शुभ
रोग09:53 – 11:10टालें
उद्वेग11:10 – 12:28टालें
चर12:28 – 13:46सामान्य
लाभ13:46 – 15:04शुभ
अमृत15:04 – 16:21शुभ
काल16:21 – 17:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:39 – 19:21शुभ
उद्वेग19:21 – 21:04टालें
शुभ21:04 – 22:46शुभ
अमृत22:46 – 00:28शुभ
चर00:28 – 02:10सामान्य
रोग02:10 – 03:53टालें
काल03:53 – 05:35टालें
लाभ05:35 – 07:17शुभ

8 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 19:36 तक
शुक्ल द्वादशी 17:56, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 03:20, 9 जन॰ तक
रोहिणी 02:06, 10 जन॰ तक
योग
साध्य 10:07 तक
शुभ 07:49, 9 जन॰ तक
करण
वणिज 08:09 तक
विष्टि (भद्रा) 19:36 तक
बव 06:51, 9 जन॰ तक
बालव 17:56, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 09:48 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:17
सूर्यास्त
17:39
चंद्रोदय
13:46
चंद्रास्त
03:14
दिनमान
10h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:28 – 06:23
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
09:53 – 11:10
यमगंड
13:46 – 15:04
गुलिक काल
07:17 – 08:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1708:09दिन
गुरु08:0909:01दिन
मंगल09:0109:53दिन
सूर्य09:5310:44दिन
शुक्र10:4411:36दिन
बुध11:3612:28दिन
चंद्र12:2813:20दिन
शनि13:2014:12दिन
गुरु14:1215:04दिन
मंगल15:0415:55दिन
सूर्य15:5516:47दिन
शुक्र16:4717:39दिन
बुध17:3918:47रात
चंद्र18:4719:55रात
शनि19:5521:04रात
गुरु21:0422:12रात
मंगल22:1223:20रात
सूर्य23:2000:28रात
शुक्र00:2801:36रात
बुध01:3602:45रात
चंद्र02:4503:53रात
शनि03:5305:01रात
गुरु05:0106:09रात
मंगल06:0907:17रात

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय पानीपत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।