12 अक्टूबर 2028 को पानीपत का चौघड़िया

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2028, पानीपत, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2028 को पानीपत में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (03:23, 13 अक्टू॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (09:11 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 13:34 से 15:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:54
रात 06:22 तक
तिथि
नवमी, 03:23 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:21 – 07:48शुभ
रोग07:48 – 09:15टालें
उद्वेग09:15 – 10:41टालें
चर10:41 – 12:08सामान्य
लाभ12:08 – 13:34शुभ
अमृत13:34 – 15:01शुभ
काल15:01 – 16:28टालें
शुभ16:28 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:54 – 19:28शुभ
चर19:28 – 21:01सामान्य
रोग21:01 – 22:35टालें
काल22:35 – 00:08टालें
लाभ00:08 – 01:42शुभ
उद्वेग01:42 – 03:15टालें
शुभ03:15 – 04:48शुभ
अमृत04:48 – 06:22शुभ

12 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण नवमी 03:23, 13 अक्टू॰ तक
कृष्ण दशमी 01:13, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 08:14, 13 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 03:55, 13 अक्टू॰ तक
साध्य 01:00, 14 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 16:14 तक
गर 03:23, 13 अक्टू॰ तक
वणिज 14:23, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:49
दिनमान
11h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:42 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
13:34 – 15:01
यमगंड
06:21 – 07:48
गुलिक काल
09:15 – 10:41

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2107:19दिन
मंगल07:1908:17दिन
सूर्य08:1709:15दिन
शुक्र09:1510:12दिन
बुध10:1211:10दिन
चंद्र11:1012:08दिन
शनि12:0813:06दिन
गुरु13:0614:03दिन
मंगल14:0315:01दिन
सूर्य15:0115:59दिन
शुक्र15:5916:57दिन
बुध16:5717:54दिन
चंद्र17:5418:57रात
शनि18:5719:59रात
गुरु19:5921:01रात
मंगल21:0122:04रात
सूर्य22:0423:06रात
शुक्र23:0600:08रात
बुध00:0801:10रात
चंद्र01:1002:13रात
शनि02:1303:15रात
गुरु03:1504:17रात
मंगल04:1705:20रात
सूर्य05:2006:22रात

अयनांश 24.2591° (लाहिड़ी)। समय पानीपत (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।