28 सितंबर 2028 को पटियाला का चौघड़िया

गुरुवार, 28 सितंबर 2028, पटियाला, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 28 सितंबर 2028 को पटियाला में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:55 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (07:18 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 13:44 से 15:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 18:13
रात 06:16 तक
तिथि
दशमी, 09:55 तक
एकादशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:16 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:15टालें
उद्वेग09:15 – 10:45टालें
चर10:45 – 12:14सामान्य
लाभ12:14 – 13:44शुभ
अमृत13:44 – 15:13शुभ
काल15:13 – 16:43टालें
शुभ16:43 – 18:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:13 – 19:43शुभ
चर19:43 – 21:14सामान्य
रोग21:14 – 22:44टालें
काल22:44 – 00:15टालें
लाभ00:15 – 01:45शुभ
उद्वेग01:45 – 03:15टालें
शुभ03:15 – 04:46शुभ
अमृत04:46 – 06:16शुभ

28 सितंबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:55 तक
शुक्ल एकादशी 12:07, 29 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 10:00, 29 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 05:43, 29 सित॰ तक
धृति 06:34, 30 सित॰ तक
करण
गर 09:55 तक
वणिज 22:59 तक
विष्टि (भद्रा) 12:07, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
15:15
चंद्रास्त
01:22
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:38

अशुभ समय

राहुकाल
13:44 – 15:13
यमगंड
06:16 – 07:45
गुलिक काल
09:15 – 10:45

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1607:16दिन
मंगल07:1608:15दिन
सूर्य08:1509:15दिन
शुक्र09:1510:15दिन
बुध10:1511:15दिन
चंद्र11:1512:14दिन
शनि12:1413:14दिन
गुरु13:1414:14दिन
मंगल14:1415:13दिन
सूर्य15:1316:13दिन
शुक्र16:1317:13दिन
बुध17:1318:13दिन
चंद्र18:1319:13रात
शनि19:1320:13रात
गुरु20:1321:14रात
मंगल21:1422:14रात
सूर्य22:1423:14रात
शुक्र23:1400:15रात
बुध00:1501:15रात
चंद्र01:1502:15रात
शनि02:1503:15रात
गुरु03:1504:16रात
मंगल04:1605:16रात
सूर्य05:1606:16रात

अयनांश 24.2586° (लाहिड़ी)। समय पटियाला (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।