27 नवंबर 2001 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 27 नवंबर 2001, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 27 नवंबर 2001 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (01:57, 28 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (14:49 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:15 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 14:17 से 15:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:15 – 16:58
रात 06:16 तक
तिथि
द्वादशी, 01:57 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती, 14:49 तक
अश्विनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 नवंबर 2001 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:15 – 07:35टालें
उद्वेग07:35 – 08:56टालें
चर08:56 – 10:16सामान्य
लाभ10:16 – 11:36शुभ
अमृत11:36 – 12:57शुभ
काल12:57 – 14:17टालें
शुभ14:17 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 16:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:58 – 18:38टालें
लाभ18:38 – 20:17शुभ
उद्वेग20:17 – 21:57टालें
शुभ21:57 – 23:37शुभ
अमृत23:37 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:56सामान्य
रोग02:56 – 04:36टालें
काल04:36 – 06:16टालें

27 नवंबर 2001 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 01:57, 28 नव॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 02:38, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 14:49 तक
अश्विनी 16:18, 28 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 00:20, 28 नव॰ तक
वरीयान 23:46, 28 नव॰ तक
करण
बव 13:23 तक
बालव 01:57, 28 नव॰ तक
कौलव 14:22, 28 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 14:49 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:15
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
14:50
चंद्रास्त
02:42
दिनमान
10h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
14:17 – 15:38
यमगंड
08:56 – 10:16
गुलिक काल
11:36 – 12:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1507:09दिन
सूर्य07:0908:02दिन
शुक्र08:0208:56दिन
बुध08:5609:49दिन
चंद्र09:4910:43दिन
शनि10:4311:36दिन
गुरु11:3612:30दिन
मंगल12:3013:24दिन
सूर्य13:2414:17दिन
शुक्र14:1715:11दिन
बुध15:1116:04दिन
चंद्र16:0416:58दिन
शनि16:5818:04रात
गुरु18:0419:11रात
मंगल19:1120:17रात
सूर्य20:1721:24रात
शुक्र21:2422:30रात
बुध22:3023:37रात
चंद्र23:3700:43रात
शनि00:4301:50रात
गुरु01:5002:56रात
मंगल02:5604:03रात
सूर्य04:0305:09रात
शुक्र05:0906:16रात

अयनांश 23.8837° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।