4 दिसंबर 2001 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 4 दिसंबर 2001, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 दिसंबर 2001 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (20:40 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (14:59 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 14:19 से 15:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 16:58
रात 06:21 तक
तिथि
चतुर्थी, 20:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 14:59 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2001 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:20 – 07:40टालें
उद्वेग07:40 – 09:00टालें
चर09:00 – 10:19सामान्य
लाभ10:19 – 11:39शुभ
अमृत11:39 – 12:59शुभ
काल12:59 – 14:19टालें
शुभ14:19 – 15:38शुभ
रोग15:38 – 16:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:58 – 18:38टालें
लाभ18:38 – 20:19शुभ
उद्वेग20:19 – 21:59टालें
शुभ21:59 – 23:39शुभ
अमृत23:39 – 01:20शुभ
चर01:20 – 03:00सामान्य
रोग03:00 – 04:40टालें
काल04:40 – 06:21टालें

4 दिसंबर 2001 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 20:40 तक
कृष्ण पंचमी 18:40, 5 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:42, 5 दिस॰ तक
योग
शुक्ल 12:12 तक
ब्रह्म 09:25, 5 दिस॰ तक
करण
बव 09:36 तक
बालव 20:40 तक
कौलव 07:41, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 09:17 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
20:22
चंद्रास्त
09:30
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:19 – 15:38
यमगंड
09:00 – 10:19
गुलिक काल
11:39 – 12:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2007:13दिन
सूर्य07:1308:06दिन
शुक्र08:0609:00दिन
बुध09:0009:53दिन
चंद्र09:5310:46दिन
शनि10:4611:39दिन
गुरु11:3912:32दिन
मंगल12:3213:25दिन
सूर्य13:2514:19दिन
शुक्र14:1915:12दिन
बुध15:1216:05दिन
चंद्र16:0516:58दिन
शनि16:5818:05रात
गुरु18:0519:12रात
मंगल19:1220:19रात
सूर्य20:1921:26रात
शुक्र21:2622:32रात
बुध22:3223:39रात
चंद्र23:3900:46रात
शनि00:4601:53रात
गुरु01:5303:00रात
मंगल03:0004:07रात
सूर्य04:0705:14रात
शुक्र05:1406:21रात

अयनांश 23.8839° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।