13 नवंबर 2002 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 13 नवंबर 2002, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 नवंबर 2002 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (16:46 तक), नक्षत्र शतभिषा (02:43, 14 नव॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 11:33 से 12:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:01
रात 06:05 तक
तिथि
नवमी, 16:46 तक
दशमी
नक्षत्र
शतभिषा, 02:43 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:05 – 07:27शुभ
अमृत07:27 – 08:49शुभ
काल08:49 – 10:11टालें
शुभ10:11 – 11:33शुभ
रोग11:33 – 12:55टालें
उद्वेग12:55 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:39सामान्य
लाभ15:39 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:01 – 18:39टालें
शुभ18:39 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:55शुभ
चर21:55 – 23:33सामान्य
रोग23:33 – 01:11टालें
काल01:11 – 02:49टालें
लाभ02:49 – 04:27शुभ
उद्वेग04:27 – 06:05टालें

13 नवंबर 2002 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 16:46 तक
शुक्ल दशमी 18:59, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 02:43, 14 नव॰ तक
पूर्वा भाद्रपद 05:31, 15 नव॰ तक
योग
ध्रुव 13:04 तक
व्याघातअशुभ 13:38, 14 नव॰ तक
करण
कौलव 16:46 तक
तैतिल 05:50, 14 नव॰ तक
गर 18:59, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
13:31
चंद्रास्त
00:08
दिनमान
10h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:33 – 12:55
यमगंड
07:27 – 08:49
गुलिक काल
10:11 – 11:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0506:59दिन
चंद्र06:5907:54दिन
शनि07:5408:49दिन
गुरु08:4909:44दिन
मंगल09:4410:38दिन
सूर्य10:3811:33दिन
शुक्र11:3312:28दिन
बुध12:2813:23दिन
चंद्र13:2314:17दिन
शनि14:1715:12दिन
गुरु15:1216:07दिन
मंगल16:0717:01दिन
सूर्य17:0118:07रात
शुक्र18:0719:12रात
बुध19:1220:17रात
चंद्र20:1721:23रात
शनि21:2322:28रात
गुरु22:2823:33रात
मंगल23:3300:39रात
सूर्य00:3901:44रात
शुक्र01:4402:49रात
बुध02:4903:55रात
चंद्र03:5505:00रात
शनि05:0006:05रात

अयनांश 23.8971° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।