17 नवंबर 2002 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 17 नवंबर 2002, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 17 नवंबर 2002 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (02:36, 18 नव॰ तक), नक्षत्र रेवती (11:32 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:08 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 15:38 से 17:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:08 – 17:00
रात 06:08 तक
तिथि
त्रयोदशी, 02:36 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रेवती, 11:32 तक
अश्विनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:08 – 07:29टालें
चर07:29 – 08:51सामान्य
लाभ08:51 – 10:12शुभ
अमृत10:12 – 11:34शुभ
काल11:34 – 12:55टालें
शुभ12:55 – 14:17शुभ
रोग14:17 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:00 – 18:38शुभ
अमृत18:38 – 20:17शुभ
चर20:17 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:34टालें
काल23:34 – 01:13टालें
लाभ01:13 – 02:51शुभ
उद्वेग02:51 – 04:30टालें
शुभ04:30 – 06:08शुभ

17 नवंबर 2002 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 02:36, 18 नव॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 04:57, 19 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 11:32 तक
अश्विनी 14:27, 18 नव॰ तक
योग
सिद्धि 16:13 तक
व्यतीपातअशुभ 17:01, 18 नव॰ तक
करण
कौलव 13:20 तक
तैतिल 02:36, 18 नव॰ तक
गर 15:48, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 11:32 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:08
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
15:33
चंद्रास्त
03:33
दिनमान
10h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:38 – 17:00
यमगंड
11:34 – 12:55
गुलिक काल
14:17 – 15:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0807:02दिन
शुक्र07:0207:56दिन
बुध07:5608:51दिन
चंद्र08:5109:45दिन
शनि09:4510:39दिन
गुरु10:3911:34दिन
मंगल11:3412:28दिन
सूर्य12:2813:22दिन
शुक्र13:2214:17दिन
बुध14:1715:11दिन
चंद्र15:1116:06दिन
शनि16:0617:00दिन
गुरु17:0018:06रात
मंगल18:0619:11रात
सूर्य19:1120:17रात
शुक्र20:1721:23रात
बुध21:2322:28रात
चंद्र22:2823:34रात
शनि23:3400:40रात
गुरु00:4001:45रात
मंगल01:4502:51रात
सूर्य02:5103:57रात
शुक्र03:5705:03रात
बुध05:0306:08रात

अयनांश 23.8972° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।