22 नवंबर 2002 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 22 नवंबर 2002, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 22 नवंबर 2002 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:11 तक), नक्षत्र मृगशिरा (23:21 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:11 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 10:14 से 11:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:11 – 16:59
रात 06:12 तक
तिथि
द्वितीया, 10:11 तक
तृतीया
नक्षत्र
मृगशिरा, 23:21 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 नवंबर 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:11 – 07:32सामान्य
लाभ07:32 – 08:53शुभ
अमृत08:53 – 10:14शुभ
काल10:14 – 11:35टालें
शुभ11:35 – 12:56शुभ
रोग12:56 – 14:17टालें
उद्वेग14:17 – 15:38टालें
चर15:38 – 16:59सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:59 – 18:38टालें
काल18:38 – 20:17टालें
लाभ20:17 – 21:56शुभ
उद्वेग21:56 – 23:35टालें
शुभ23:35 – 01:14शुभ
अमृत01:14 – 02:54शुभ
चर02:54 – 04:33सामान्य
रोग04:33 – 06:12टालें

22 नवंबर 2002 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:11 तक
कृष्ण तृतीया 11:08, 23 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 00:36, 24 नव॰ तक
योग
सिद्ध 18:00 तक
साध्य 17:29, 23 नव॰ तक
करण
गर 10:11 तक
वणिज 22:43 तक
विष्टि (भद्रा) 11:08, 23 नव॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 10:34 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:11
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
18:44
चंद्रास्त
08:03
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924, चित्रभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
10:14 – 11:35
यमगंड
14:17 – 15:38
गुलिक काल
07:32 – 08:53

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1107:05दिन
बुध07:0507:59दिन
चंद्र07:5908:53दिन
शनि08:5309:47दिन
गुरु09:4710:41दिन
मंगल10:4111:35दिन
सूर्य11:3512:29दिन
शुक्र12:2913:23दिन
बुध13:2314:17दिन
चंद्र14:1715:11दिन
शनि15:1116:05दिन
गुरु16:0516:59दिन
मंगल16:5918:05रात
सूर्य18:0519:11रात
शुक्र19:1120:17रात
बुध20:1721:23रात
चंद्र21:2322:29रात
शनि22:2923:35रात
गुरु23:3500:41रात
मंगल00:4101:47रात
सूर्य01:4702:54रात
शुक्र02:5404:00रात
बुध04:0005:06रात
चंद्र05:0606:12रात

अयनांश 23.8974° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।