16 अक्टूबर 2003 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 16 अक्टूबर 2003, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 अक्टूबर 2003 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (03:26, 17 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (18:19 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 17:21 पर है। राहुकाल 13:01 से 14:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 17:21
रात 05:48 तक
तिथि
षष्ठी, 03:26 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 18:19 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अक्टूबर 2003 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:48 – 07:14शुभ
रोग07:14 – 08:41टालें
उद्वेग08:41 – 10:08टालें
चर10:08 – 11:34सामान्य
लाभ11:34 – 13:01शुभ
अमृत13:01 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:55टालें
शुभ15:55 – 17:21शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:21 – 18:55शुभ
चर18:55 – 20:28सामान्य
रोग20:28 – 22:01टालें
काल22:01 – 23:35टालें
लाभ23:35 – 01:08शुभ
उद्वेग01:08 – 02:41टालें
शुभ02:41 – 04:15शुभ
अमृत04:15 – 05:48शुभ

16 अक्टूबर 2003 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 03:26, 17 अक्टू॰ तक
कृष्ण सप्तमी 05:19, 18 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 20:54, 17 अक्टू॰ तक
योग
वरीयान 08:05 तक
परिघअशुभ 08:48, 17 अक्टू॰ तक
करण
गर 14:18 तक
वणिज 03:26, 17 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 16:27, 17 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
17:21
चंद्रोदय
21:24
चंद्रास्त
10:53
दिनमान
11h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925, स्वभानु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
13:01 – 14:28
यमगंड
05:48 – 07:14
गुलिक काल
08:41 – 10:08

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4806:45दिन
मंगल06:4507:43दिन
सूर्य07:4308:41दिन
शुक्र08:4109:39दिन
बुध09:3910:37दिन
चंद्र10:3711:34दिन
शनि11:3412:32दिन
गुरु12:3213:30दिन
मंगल13:3014:28दिन
सूर्य14:2815:26दिन
शुक्र15:2616:23दिन
बुध16:2317:21दिन
चंद्र17:2118:24रात
शनि18:2419:26रात
गुरु19:2620:28रात
मंगल20:2821:30रात
सूर्य21:3022:32रात
शुक्र22:3223:35रात
बुध23:3500:37रात
चंद्र00:3701:39रात
शनि01:3902:41रात
गुरु02:4103:44रात
मंगल03:4404:46रात
सूर्य04:4605:48रात

अयनांश 23.9100° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।