24 अक्टूबर 2011 को पटना का चौघड़िया

सोमवार, 24 अक्टूबर 2011, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 24 अक्टूबर 2011 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (12:32 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (06:21 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:52 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 07:17 से 08:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:52 – 17:14
रात 05:53 तक
तिथि
द्वादशी, 12:32 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 03:43 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:52 – 07:17शुभ
काल07:17 – 08:42टालें
शुभ08:42 – 10:08शुभ
रोग10:08 – 11:33टालें
उद्वेग11:33 – 12:58टालें
चर12:58 – 14:24सामान्य
लाभ14:24 – 15:49शुभ
अमृत15:49 – 17:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:14 – 18:49सामान्य
रोग18:49 – 20:24टालें
काल20:24 – 21:59टालें
लाभ21:59 – 23:33शुभ
उद्वेग23:33 – 01:08टालें
शुभ01:08 – 02:43शुभ
अमृत02:43 – 04:18शुभ
चर04:18 – 05:53सामान्य

24 अक्टूबर 2011 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 12:32 तक
कृष्ण त्रयोदशी 09:02, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 03:43, 25 अक्टू॰ तक
हस्त 00:47, 26 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 07:00 तक
इंद्र 03:02, 25 अक्टू॰ तक
वैधृतिअशुभ 22:49, 25 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 12:32 तक
गर 22:49 तक
वणिज 09:02, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 11:44 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:52
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
02:52
चंद्रास्त
15:10
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:01
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
07:17 – 08:42
यमगंड
10:08 – 11:33
गुलिक काल
12:58 – 14:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5206:49दिन
शनि06:4907:46दिन
गुरु07:4608:42दिन
मंगल08:4209:39दिन
सूर्य09:3910:36दिन
शुक्र10:3611:33दिन
बुध11:3312:30दिन
चंद्र12:3013:27दिन
शनि13:2714:24दिन
गुरु14:2415:20दिन
मंगल15:2016:17दिन
सूर्य16:1717:14दिन
शुक्र17:1418:17रात
बुध18:1719:21रात
चंद्र19:2120:24रात
शनि20:2421:27रात
गुरु21:2722:30रात
मंगल22:3023:33रात
सूर्य23:3300:37रात
शुक्र00:3701:40रात
बुध01:4002:43रात
चंद्र02:4303:46रात
शनि03:4604:49रात
गुरु04:4905:53रात

अयनांश 24.0220° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।