10 नवंबर 2011 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 10 नवंबर 2011, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 10 नवंबर 2011 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (01:46, 11 नव॰ तक), नक्षत्र भरणी (07:01, 11 नव॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 12:55 से 14:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:03
रात 06:03 तक
तिथि
पूर्णिमा, 01:46 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
भरणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:03 – 07:25शुभ
रोग07:25 – 08:48टालें
उद्वेग08:48 – 10:10टालें
चर10:10 – 11:33सामान्य
लाभ11:33 – 12:55शुभ
अमृत12:55 – 14:18शुभ
काल14:18 – 15:40टालें
शुभ15:40 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:03 – 18:40शुभ
चर18:40 – 20:18सामान्य
रोग20:18 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:33टालें
लाभ23:33 – 01:11शुभ
उद्वेग01:11 – 02:48टालें
शुभ02:48 – 04:26शुभ
अमृत04:26 – 06:03शुभ

10 नवंबर 2011 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
पूर्णिमा 01:46, 11 नव॰ तक
कृष्ण प्रतिपदा 04:01, 12 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 07:01, 11 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 23:05 तक
वरीयान 23:46, 11 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:33 तक
बव 01:46, 11 नव॰ तक
बालव 14:55, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
16:36
चंद्रास्त
05:26
दिनमान
11h 0m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
12:55 – 14:18
यमगंड
06:03 – 07:25
गुलिक काल
08:48 – 10:10

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0306:58दिन
मंगल06:5807:53दिन
सूर्य07:5308:48दिन
शुक्र08:4809:43दिन
बुध09:4310:38दिन
चंद्र10:3811:33दिन
शनि11:3312:28दिन
गुरु12:2813:23दिन
मंगल13:2314:18दिन
सूर्य14:1815:13दिन
शुक्र15:1316:08दिन
बुध16:0817:03दिन
चंद्र17:0318:08रात
शनि18:0819:13रात
गुरु19:1320:18रात
मंगल20:1821:23रात
सूर्य21:2322:28रात
शुक्र22:2823:33रात
बुध23:3300:38रात
चंद्र00:3801:43रात
शनि01:4302:48रात
गुरु02:4803:53रात
मंगल03:5304:58रात
सूर्य04:5806:03रात

अयनांश 24.0227° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।