14 नवंबर 2011 को पटना का चौघड़िया

सोमवार, 14 नवंबर 2011, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 14 नवंबर 2011 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (07:39 तक), नक्षत्र मृगशिरा (14:09 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 07:27 से 08:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 17:01
रात 06:06 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
मृगशिरा, 14:09 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:05 – 07:27शुभ
काल07:27 – 08:49टालें
शुभ08:49 – 10:11शुभ
रोग10:11 – 11:33टालें
उद्वेग11:33 – 12:55टालें
चर12:55 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:39शुभ
अमृत15:39 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:01 – 18:39सामान्य
रोग18:39 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:55टालें
लाभ21:55 – 23:34शुभ
उद्वेग23:34 – 01:12टालें
शुभ01:12 – 02:50शुभ
अमृत02:50 – 04:28शुभ
चर04:28 – 06:06सामान्य

14 नवंबर 2011 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 07:39 तक
कृष्ण चतुर्थी 08:51, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:46, 15 नव॰ तक
योग
सिद्ध 00:25, 15 नव॰ तक
साध्य 23:58, 15 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:39 तक
बव 20:18 तक
बालव 08:51, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
19:48
चंद्रास्त
08:53
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2068
शक संवत
1933, खर संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
07:27 – 08:49
यमगंड
10:11 – 11:33
गुलिक काल
12:55 – 14:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0507:00दिन
शनि07:0007:55दिन
गुरु07:5508:49दिन
मंगल08:4909:44दिन
सूर्य09:4410:39दिन
शुक्र10:3911:33दिन
बुध11:3312:28दिन
चंद्र12:2813:22दिन
शनि13:2214:17दिन
गुरु14:1715:12दिन
मंगल15:1216:06दिन
सूर्य16:0617:01दिन
शुक्र17:0118:06रात
बुध18:0619:12रात
चंद्र19:1220:17रात
शनि20:1721:23रात
गुरु21:2322:28रात
मंगल22:2823:34रात
सूर्य23:3400:39रात
शुक्र00:3901:44रात
बुध01:4402:50रात
चंद्र02:5003:55रात
शनि03:5505:01रात
गुरु05:0106:06रात

अयनांश 24.0228° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।