10 नवंबर 2012 को पटना का चौघड़िया

शनिवार, 10 नवंबर 2012, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 10 नवंबर 2012 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (15:48 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (21:56 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 17:02 पर है। राहुकाल 08:48 से 10:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 17:02
रात 06:04 तक
तिथि
एकादशी, 15:48 तक
द्वादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 21:56 तक
हस्त
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:03 – 07:25टालें
शुभ07:25 – 08:48शुभ
रोग08:48 – 10:10टालें
उद्वेग10:10 – 11:33टालें
चर11:33 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:18शुभ
अमृत14:18 – 15:40शुभ
काल15:40 – 17:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:02 – 18:40शुभ
उद्वेग18:40 – 20:18टालें
शुभ20:18 – 21:55शुभ
अमृत21:55 – 23:33शुभ
चर23:33 – 01:11सामान्य
रोग01:11 – 02:48टालें
काल02:48 – 04:26टालें
लाभ04:26 – 06:04शुभ

10 नवंबर 2012 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 15:48 तक
कृष्ण द्वादशी 13:28, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 20:07, 11 नव॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:34 तक
विष्कंभअशुभ 11:31, 11 नव॰ तक
करण
बालव 15:48 तक
कौलव 02:43, 11 नव॰ तक
तैतिल 13:28, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
17:02
चंद्रोदय
01:59
चंद्रास्त
14:12
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:48 – 10:10
यमगंड
12:55 – 14:18
गुलिक काल
06:03 – 07:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:0306:58दिन
गुरु06:5807:53दिन
मंगल07:5308:48दिन
सूर्य08:4809:43दिन
शुक्र09:4310:38दिन
बुध10:3811:33दिन
चंद्र11:3312:28दिन
शनि12:2813:23दिन
गुरु13:2314:18दिन
मंगल14:1815:13दिन
सूर्य15:1316:07दिन
शुक्र16:0717:02दिन
बुध17:0218:08रात
चंद्र18:0819:13रात
शनि19:1320:18रात
गुरु20:1821:23रात
मंगल21:2322:28रात
सूर्य22:2823:33रात
शुक्र23:3300:38रात
बुध00:3801:43रात
चंद्र01:4302:48रात
शनि02:4803:54रात
गुरु03:5404:59रात
मंगल04:5906:04रात

अयनांश 24.0367° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।