28 नवंबर 2012 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 28 नवंबर 2012, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 28 नवंबर 2012 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (20:15 तक), नक्षत्र कृत्तिका (14:41 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 11:37 से 12:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 16:58
रात 06:17 तक
तिथि
पूर्णिमा, 20:15 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
कृत्तिका, 14:41 तक
रोहिणी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 नवंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:16 – 07:36शुभ
अमृत07:36 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:17टालें
शुभ10:17 – 11:37शुभ
रोग11:37 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:38सामान्य
लाभ15:38 – 16:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:58 – 18:38टालें
शुभ18:38 – 20:18शुभ
अमृत20:18 – 21:57शुभ
चर21:57 – 23:37सामान्य
रोग23:37 – 01:17टालें
काल01:17 – 02:57टालें
लाभ02:57 – 04:37शुभ
उद्वेग04:37 – 06:17टालें

28 नवंबर 2012 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
पूर्णिमा 20:15 तक
कृष्ण प्रतिपदा 22:57, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 17:48, 29 नव॰ तक
योग
शिव 22:29 तक
सिद्ध 23:27, 29 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 06:54 तक
बव 20:15 तक
बालव 09:36, 29 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
16:51
चंद्रास्त
05:49
दिनमान
10h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:58 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 12:57
यमगंड
07:36 – 08:56
गुलिक काल
10:17 – 11:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1607:09दिन
चंद्र07:0908:03दिन
शनि08:0308:56दिन
गुरु08:5609:50दिन
मंगल09:5010:43दिन
सूर्य10:4311:37दिन
शुक्र11:3712:30दिन
बुध12:3013:24दिन
चंद्र13:2414:17दिन
शनि14:1715:11दिन
गुरु15:1116:04दिन
मंगल16:0416:58दिन
सूर्य16:5818:04रात
शुक्र18:0419:11रात
बुध19:1120:18रात
चंद्र20:1821:24रात
शनि21:2422:31रात
गुरु22:3123:37रात
मंगल23:3700:44रात
सूर्य00:4401:50रात
शुक्र01:5002:57रात
बुध02:5704:04रात
चंद्र04:0405:10रात
शनि05:1006:17रात

अयनांश 24.0374° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।