6 दिसंबर 2012 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 6 दिसंबर 2012, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 6 दिसंबर 2012 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (09:04 तक), नक्षत्र मघा (07:08 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 13:00 से 14:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 16:58
रात 06:22 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 दिसंबर 2012 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:22 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:01टालें
उद्वेग09:01 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:40सामान्य
लाभ11:40 – 13:00शुभ
अमृत13:00 – 14:19शुभ
काल14:19 – 15:39टालें
शुभ15:39 – 16:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:58 – 18:39शुभ
चर18:39 – 20:19सामान्य
रोग20:19 – 22:00टालें
काल22:00 – 23:40टालें
लाभ23:40 – 01:21शुभ
उद्वेग01:21 – 03:01टालें
शुभ03:01 – 04:42शुभ
अमृत04:42 – 06:22शुभ

6 दिसंबर 2012 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 09:04 तक
कृष्ण अष्टमी 08:48, 7 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 07:08 तक
पूर्वा फाल्गुनी 07:30, 7 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 23:40 तक
प्रीति 21:55, 7 दिस॰ तक
करण
बव 09:04 तक
बालव 21:01 तक
कौलव 08:48, 7 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
23:47
चंद्रास्त
11:30
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2069
शक संवत
1934, नंदन संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
13:00 – 14:19
यमगंड
06:22 – 07:41
गुलिक काल
09:01 – 10:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2207:15दिन
मंगल07:1508:08दिन
सूर्य08:0809:01दिन
शुक्र09:0109:54दिन
बुध09:5410:47दिन
चंद्र10:4711:40दिन
शनि11:4012:33दिन
गुरु12:3313:26दिन
मंगल13:2614:19दिन
सूर्य14:1915:12दिन
शुक्र15:1216:05दिन
बुध16:0516:58दिन
चंद्र16:5818:05रात
शनि18:0519:12रात
गुरु19:1220:19रात
मंगल20:1921:26रात
सूर्य21:2622:33रात
शुक्र22:3323:40रात
बुध23:4000:47रात
चंद्र00:4701:54रात
शनि01:5403:01रात
गुरु03:0104:08रात
मंगल04:0805:15रात
सूर्य05:1506:22रात

अयनांश 24.0377° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।